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इटावा में घर के बाहर सो रहे वृद्ध दंपति की हत्या

Mon, 16 Oct 2017 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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घर के बाहर सो रहे दंपति की हत्या के बाद मौके पर पड़े शव॥ - फोटो : amarujala
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इटावा। इकदिल थाना क्षेत्र के बिरारी गांव में रविवार रात घर के बाहर सो रहे वृद्ध दंपति की धारदार हथियार व सिर कूंच कर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई ने इनकी पुत्रवधू समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुत्रवधू ने दंपति व अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका मुकदमा भी चल रहा है।
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मरने वाले बिरारी गांव के 58 वर्षीय बैजनाथ प्रजापति व उनकी 55 वर्षीय पत्नी बिटोली देवी हैं। इनके दो पुत्र गोविंद व सुखवीर है। दोनों बाहर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। बड़े पुत्र गोविंद की शादी विमलेश देवी व सुखवीर की शादी रिंपी उर्फ शिल्पी पुत्री सुखवासी लाल के साथ हुई थी। रिंपी का मायका औरैया जिले के थाना बिधूना के साहूपुर में है। करीब दो साल पहले शिल्पी घर छोड़कर चली गई और ससुराली जनों पर मुकदमा कर दिया। इस समय औरैया में किसी के साथ रह रही है। दोनों बच्चे भी उसी के पास हैं।

रविवार रात दंपति घर के बाहर सोए थे। सुबह न उठने पर गांववाले पास पहुंचे तो चारपाई पर दोनों के लहूलुहान शव पड़े थे। सूचना पर एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी राजेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार यादव के अलावा एसओ बकेवर आलोक राय भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी छानबीन की। डॉग स्क्वायड उनके घर से पश्चिम दिशा में खेताें तक जाकर रुक गया।
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पूछताछ में लोगों ने बताया कि दंपति का अपनी पुत्रवधू से विवाद चल रहा था, जिससे वे काफी परेशान थे। मृतक के बडे़ भाई राम रतन ने भतीजे की पत्नी रिंपी उर्फ शिल्पी तथा औरैया के बिधूना निवासी धर्मेंद्र व सच्चू श्रीवास्तव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया दोनों की हत्या पुराने विवाद में की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

मृत दंपति का बहु के साथ है जायदाद का विवाद
इटावा। इकदिल थाना क्षेत्र के बिरारी गांव का मृत दंपति दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी है। छोटी बहु ने इस अधेड़ दंपति के साथ ही परिवार के अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसका मुकदमा चल रहा है। दंपति के छोटे बेटे सुखवीर की शादी औरेया के साहूपुर के सुखवासी लाल की बेटी रिंपी उर्फ शिल्पी के साथ हुई थी। आरोप है कि करीब दो साल पहले शिल्पी दो बच्चों को छोड़कर कुदर कोट के अपने प्रेमी धर्मेंद्र के साथ भाग गई थी।

ससुरालीजनों ने रिश्तेदारों के माध्यम से उस पर घर वापसी का दबाव बनाया लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। दोनों बच्चों का पालन पोषण उसकी दादी बिटोली देवी व दादा बैजनाथ कर रहे थे। करीब तीन महीने पहले शिल्पी  गांव बिरारी आई और उसने अपने बच्चों को ले जाने का दबाव बनाया।

दबाव में बैजनाथ ने दोनों बच्चों को उसके साथ भेज दिया। इससे पहले शिल्पी ने अपने पति सुखवीर, सुसर बैजनाथ सहित परिवार के नौ लोगों पर बिधूना कोतवाली में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस रिपोर्ट में उसने ताऊ ससुर के परिवार को भी शामिल कर लिया।  इसके अलावा उसने अपने सुसरालीजनों के खिलाफ घरेलू हिंसा के अलावा मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से शिल्पी के ससुरालीजन काफी परेशान थे।

शिल्पी अपने ससुर पर दबाव बना रही थी कि उसके पास जो दो बीघा जमीन है वह उसके नाम कर दे। आए दिन पड़ रही तारीखों से परिजन काफी परेशान थे। बताया गया कि सोमवार को एक मामले की तारीख औरैया में थी। लेकिन इससे पहले ही दोनों को मौत के घाट उतार दिया गया।

हत्या के वक्त पास ही कमरे में सो रही थी बहू
बैजनाथ पत्नी बिटोली देवी के साथ गांव के किनारे एक झोपड़ी डालकर रहते थे। छोटे पुत्र सुखवीर को पुराना मकान दे दिया था। वह उसमें अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहने लगी थी। वहीं गांव के किनारे पडे़ प्लॉट का आधा हिस्सा अपने बडे़ पुत्र गोविंद को दे दिया था। जिसमें उसने अपना एक कमरा बना लिया और उसमें पत्नी के साथ रहने लगा। इसके अलावा बैजनाथ ने आधे प्लॉट में टीन के तख्ते रख लिए और उसी में अपनी पत्नी के साथ रहने लगा। चूंकि दोनों पुत्र बाहर रहते थे। इस कारण गोविंद की पत्नी विमलेश अपने ससुर के बगल में बने प्लॉट के कमरे में रह रही थी। जब रविवार रात को घटना हुई तो विमलेश अपने कमरे में सो रही थी लेकिन उसे हत्या की भनक नहीं लग सकी। सुबह भी उसने नहीं देखा। जब लोग उधर से गुजरे तो उन्हें हत्या की जानकारी हुई। बैजनाथ ने अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए भैंस पाल रखी थी। उनका दूध गांव में बनी डेयरी पर देते थे।

गांव में नहीं था किसी से विवाद
बैजनाथ सीधे इंसान थे। उनका गांव में किसी से कोई विवाद नहीं था। वह केवल अपने काम से काम रखते थे। लेकिन जबसे उसकी पुत्रवधू घर से भाग गई और उसने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तब से वह काफी परेशान थे। पैरवी के लिए उन्हें कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। लोगों ने बताया कि गांव के लोगों से कोई विवाद नहीं था। लेकिन पुत्रवधू के कारण वह काफी परेशान रहते थे।
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