बालक की मौत पर बेहोश पड़ी मां को सांत्वना देती मोहल्ले की महिलाएं
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दो भाइयों की लड़ाई में चली गोली से दम तोड़ने वाला पुष्कर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। अस्पताल में चिकित्सक की ओर से बच्चे को मृत घोषित करते हुए स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया। पुलिस के साथ तमाम लोग भी दोनों भाइयों की तलाश में जुट गए।
गोली का शिकार हुआ बालक पुष्कर संत विवेकानंद सीनियर सेकेंड्री स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। वह रविवार को ममोज खाने की कहकर घर से निकला था बताया गया कि ममोज खाने के बाद जैसे ही वह घर के लिए चला तभी हादसे काशिकार हो गया। भूरे कालोनी निवासी पंकज यादव के इकलौते बेटे पुष्कर की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। उससे छोटी दस साल की पुत्री है। इकलौते बेटे की मौत की जानकारी होने से उसकी मां पार्वती शव देखकर बेहोश हो गई। छोटी बहन रिया का भी रो रोकर बुरा हाल था।
मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र के गांव नगला मुकुंदी निवासी पंकज यादव दिल्ली में किसी प्राइवेट फर्म में नौकरी करते है। जब उनका बेटा पढ़ने लायक हुआ तो उन्होंने उसकी अच्छी शिक्षा दिलाने का निश्चय किया। मां बाप अपने बेटे को पढ़ा लिखाकर एक काबिल अफसर बनाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने पीएसी गेट के सामने भूरे सिंह कालोनी में एक प्लाट खरीदा और मकान बनवा लिया। वह नौकरी पर दिल्ली चला गया ।
मकान में उसकी पत्नी अपने दोनों बच्चों के साथ रहने लगी। बेटे का उन्होंने सेंट बीएन पब्लिक स्कूल में प्रवेश करा दिया। वह रोजाना अपने स्कूल जाता था रविवार को अवकाश होनें के कारण वह घर पर था। सायं करीब चार बजे वह अपनी मां से मोमोज खाने की बात कहकर घर से निकला। लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। घर पर उसकी मां बेटे के आने का इंतजार कर रही थी लेकिन बेटे के आने की बजाय उसको गोली लगने की जानकारी मिली।
वह बदहवास होकर अस्पताल की ओर पैदल ही दौड़ पड़ी। मोहल्ल्ेा के कुछ लोग उसे बाइक ले लेकर जिला अस्पातल पहुचे जहां बालक के शव को देखकर बेहोश होकर गिर पड़ी । वहीं बेटी का रो रोक बुरा हाल था। हादसे की जानकारी उसके पिता को मोहल्लों के लोगों ने दी है। लोग उसके आने का इंतजार कर रहे हैं।