इकदिल थाने में एसओ अमित से बातचीत करती विधायक सरिता भदौरिया
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इटावा। सदर विधायक सरिता भदौरिया ने इकदिल थाने जाकर गांव भूलपुरा में पुलिस की पिटाई से मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज न करने पर एसओ को जमकर हड़काया। आरोप है कि उनके साथ गए मृतक के भाई ने एसओ के गिरेबां पर हाथ डालने का प्रयास किया। एसओ अमित कुमार ने इस संबंध में अपने उच्च अधिकरियों को अवगत करा दिया है। इस घटना से क्षुब्ध एसओ ने यह स्वीकार किया कि भाजपाइयों ने उनके साथ अभद्रता की है। एसएसपी इस समय जिले से बाहर हैं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि वे इटावा पहुंचकर मामले की जानकारी करेंगे।
मंगलवार को सदर विधायक सरिता भदौरिया अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र के गांव भूलपुरा में मृतक कमल के परिजनोें से मिलने गई थीं। वहां पर उन्हें उसके परिजनों ने बताया कि कमल को पुलिस के सिपाहियों ने इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही। परिजनों ने शिकायत की कि पुलिस उन पर रुपये लेकर समझौते का दबाव बना रही है। इस पर विधायक को गुस्सा आ गया। वे अपने समर्थकों के साथ थाना इकदिल पहुंची और एसओ अमित कुमार से रिपोर्ट दर्ज न करने का कारण पूछा। इस पर उन्हाेंने बताया कि इस मामले की सीओ सिटी जांच कर रहे हैं। जैसा अधिकारियों का निर्देश मिलेगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एसओ के इतना कहते ही विधायक भड़क गईं। उन्होंने कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों का उत्पीड़न कर प्रदेश सरकार को बदनाम कर रही है। ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने एसओ को सबक सिखाने की धमकी दे डाली। जब विधायक एसओ को हड़का रही थी तभी वहां मौजूद मृतक के भाई ने उनके गिरेबां पर हाथ डालने का प्रयास किया लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। मौजूद लोगों ने एसओ को जमकर लताड़ लगाई। उनके साथ पूर्व विधायक केके राज, मुकेश यादव, हरीनारायण बाजपेई, सीपू चौधरी, इरशाद अली टिंकू सहित आसपास के कार्यकर्ता भी थाने में मौजूद रहे। उसके बाद सदर विधायक अपने समर्थकों के साथ थाने से निकल आई। जानकारी मिलने पर भरथना क्षेत्र की विधायक सावित्री कठेरिया भी पहुंच गई। घटना की जानकारी एसओ न अपने उच्च अधिकारियों को दे दी है। एसओ ने बताया कि भाजपा विधायक ने उन्हें सबक सिखाने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि इस मामले को एसएसपी देख रहे हैं। पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला एसएसपी के आदेश पर ही दर्ज होगा। इतना कहने पर विधायक नाराज होने लगीं। एसएसपी ने बताया किे एसओ ने उन्हें जानकारी दी है। वह उस समय दिल्ली में हैं। आने के बाद मामले को देखेंगे। वहीं विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि गांव में जाने पर परिजनों ने बताया कि पुलिस दो लाख लेकर मामले को रफा दफा करने का दबाव डाल रही थी। इसी संबंध में वह एसओ से बात करने के लिए गई थी। उन्होंने एसओ से बातचीत की । उनका एसओ से कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि किसी समर्थक ने एसओ का गिरेबां नहीं पकड़ा। मृतक का भाई तो खुद एसओ से रो रोकर यह कह रहा था पुलिस उसे भी क्यों नहीं मार डालती।