पछांयगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बहादुरपुरा में अवैध खनन कर बालू ले जा रहे ट्रैक्टरों को पकड़ने गई वन विभाग की टीम को खनन माफिया और उनके साथियों ने बंधक बना लिया। लाठी डंडों और राइफल की बटों से हमला बोलकर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की। एक घंटे तक उत्पात मचाने के बाद खनन माफिया एक सरकारी राइफल, दो बंदूकें लूटकर भाग गए। मारपीट में रेंजर और वन दरोगा सहित पांच वन कर्मी घायल हो गए। मामले में छह नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एक को हिरासत में लिया गया है।
वन रेंज अधिकारी अमित कुमार को गुरुवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि चंबल नदी सेंचुरी क्षेत्र से बालू का अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। वह वन दरोगा विवेक कुमार, सत्यप्रकाश व गार्ड राजेश कुमार व बृजमोहन के साथ जीप से छापामारी करने गए। रात करीब ढाई बजे टीम को बहादुरपुरा गांव के पास बालू भरे तीन ट्रैक्टर दिखे। टीम ने ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो स्कार्पियो सवार खनन माफिया और उनके साथियों ने टीम पर लाठी डंडों और राइफल की बटों से हमला कर दिया। खनन माफिया के गुर्गों ने असलहों के बल पर सभी वन कर्मियों को कब्जे में ले लिया। सरकारी गाड़ी की चाबी भी छीन ली और फायरिंग की। इसके बाद ट्रैक्टर लेकर बीहड़ के रास्ते फरार हो गए। हमले में रेंज अधिकारी अमित कुमार और वन दरोगा विवेक कुमार के सिर में काफी चोटें आईं। तीन अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। एसओ पछांयगांव सुनील कुमार सिंह ने घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। आसपास के थानों की पुलिस भी खनन माफिया की तलाश में लग गई। मौके से एक स्कार्पियो और बाइक बरामद हुई है। एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ जसवंतनगर भी मौके पर पहुंचे। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।