गरीबों के हक पर डाका डालने में जुटे सरकारी कर्मचारी। इसकी एक बानगी बुधवार को लखना नगर पंचायत में देखने को मिली। जहां के कर संग्रह अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में अपनी पत्नी का नाम दर्ज करा लिया। इसका खुलासा होने पर पंचायत चेयरमैन ने कर संग्रह अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की बारीकी से जांच पंचायत ईओ को सौंपी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ समीर प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि कर संग्रहक योगेश कुमार दीक्षित ने अपनी पत्नी का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल कर लिया था। इस मुद्दे को बोर्ड बैठक में सभासदों ने उठाया था। इसको संज्ञान में लेते हुए जांच कराई गई। इसमें कर संग्रहक दोषी पाए गए।
इसको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही इसकी जांच पालिका ईओ को दी गई। उन्हाेंने बताया कि योगेश पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। माह दिसम्बर 2015 में वेतन आदि का कार्य निलम्बित कर संग्रहक के द्वारा किया जाता था। कर संग्रहक ने कर्मचारियों की डाकघर आवर्ती का भुगतान धोखाधड़ी करके दो बार आहरण करके शासकीय धनराशि का गबन किया गया। अन्य आरोपों में कस्बे की जनता के साथ दुर्व्यवहार व वसूली के आरोप भी लगे हैं। नगरपंचायत अध्यक्ष डॉ. समीर प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि निलम्बित कर संग्रहक को वित्तीय नियम संग्रह के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्धवेतन का देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी। एसडीएम भरथना ने बताया कि पंचायत में कार्यरत तृतीय श्रेणी कर्मचारी को निलंबित करने का पावर चेयरमैन के पास होता है। वहीं, पालिका ईओ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबित कर सकता है। बोर्ड मीटिंग में मुद्दा उठने पर चेयरमैन को फुल पावर होती है कि वह कार्रवाई कर सके।