देवांशू की मौत से अरविंद का पूरा परिवार सदमे में है। इकलौते बेटे की हत्या के बाद अरविंद के घर का चिराग बुझ गया। संतान की खातिर ही परिवार और पत्नी की रजामंदी के बाद अरविंद ने दूसरी शादी की थी। इकलौते बेटे की मौत के बाद से मां-बाप के आंसू थम नहीं रहे।
पुलिस बार-बार कह रही थी कि हत्या ताऊ आदेशबाबू ने पैसे के लालच में की, लेकिन परिवारीजन मानने को तैयार नहीं। खुद अरविंद का कहना था कि देवांशू आपने ताऊ का दुलारा था। वह भला उसे क्यों मारेंगे। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन व ग्रामीणों ने भावुक होते हुए बताया कि अरविंद शाक्य की करीब 15 वर्ष पहले शादी हुई थी।
पहली पत्नी से उसे कोई संतान नहीं हुई। काफी इलाज के बाद जब बच्चा नहीं हुआ तो परिवार दूसरी शादी के लिए अरविंद पर दबाव डालने लगे। खुद पत्नी ने अरविंद को दूसरी शादी की रजामंदी दी। इसके बाद पांच वर्ष पूर्व अरविंद ने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया तो परिवार के अरमान पूरे हो गए।
लाड प्यार से परिवार के हर व्यक्ति ने देवांशू का लालन-पालन किया। देवांशू के बाद दूसरी पत्नी ने एक बेटी को भी जन्म दिया। दोनों ही बच्चों को पहली पत्नी भी उतना ही लाड़ करती थी जितना दूसरी। इस हादसे ने परिवार को अंदर से तोड़ दिया है। खास बात तो यह है कि भाई की दूसरी शादी आरोपी आदेशबाबू ने ही कराई थी।
उधर, हाइवे पर लोग अपनी मांग को लेकर जाम लगाकर बैठे थे। पुलिस अफसर अगर दुखी परिजनों से हमदर्दी दिखाते और उन्हें समझा बुझाकर शांत करते तो हाइवे पर इतना बड़ा बवाल नहीं होता। लोगों में सीओ जसवंतनगर की कार्यशैली के प्रति नाराजगी दिखी। लोगों ने बताया कि सीओ जसवंतनगर ने जाम लगाकर बैठे लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें लाठी मारकर हटाने की धमकी दी। इसके बाद ही भीड़ उग्र हुई और फिर बवाल हो गया।
वहीं पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है वे पूरे समय गांव में ही मौजूद रहे। वे परिवार के साथ देवांशू की खोजबीन में जुटे रहे। जांच में जुटी पुलिस को मोबाइल फोन की लोकेशन गांव में ही मिल रही थी। रविवार की सुबह लोकेशन के आधार पर पुलिस गांव पहुंची और देवांशू के दरवाजे पर बैठे आग ताप रहे लोगों के मोबाइल फोन ले लिए। इसके बाद पुलिस ने हरिओम को गिरफ्तार किया। बाद में आरोपी ताऊ को गांव से ही पकड़ा गया।