कृपालपुर के सरकारी स्कूल के बाहर खड़े मवेशी। अमर उजाला
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कृपालपुर गांव में शुक्रवार सुबह अन्ना जानवरों के झुंड ने 500 बीघा से अधिक फसल को नुकसान पहुंचा दिया। गुस्साए किसानों ने जानवरों को सरकारी स्कूल में बंद करने का प्रयास तो प्रधानाचार्य ने ताला डलवा दिया। फिर किसानों ने हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया तो पुलिस ने लाठियां पटककर खदेड़ दिया। इसमें करीब आधा दर्जन ग्रामीण चुटहिल हो गए। बवाल बढ़ने की सूचना मिलते ही सैफई सीओ समेत कई आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत किया।
ग्राम पंचायत अमृतपुर के मजरा कृपालपुर के प्रधान वैधपाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह छुट्टा जानवरों का झुंड खेतों में घुस गया और करीब 500 बीघा से अधिक मेें लगी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा दिया। खफा ग्रामीणों ने गायों को खदेड़कर कृपालपुर के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में ढकेलने का प्रयास किया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने गेट में ताला डाल दिया। इससे गाय नहीं घुस सकीं। इसके बाद ग्रामीणों ने इटावा-बरेली रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। लोगों की भीड़ से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसकी सूचना मिलते ही बसरेहर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। जाम बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां पटककर ग्रामीणों को खदेड़ा। इसमें लेनम सिंह, सेवन सिंह, कुंदन सिंह, भोलू, नवल सिंह समेत आधा दर्जन ग्रामीण चुटहिल हो गए। घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया है। इसके बाद जाम खुल सका।
कोतवाल मुकेश बाबू चौहान का कहना है कि छुट्टा गायों का झुंड परेशानी का सबब बना है, इसकी व्यवस्था को दुरुस्त करने में प्रशासनिक अफसर जुटे हैं। लेकिन ग्रामीणों ने रवैया बना रखा है कि जानवरों को स्कूल में बंद करके हंगामा करना है, जोकि सरासर गलत है। कानून व्यवस्था खराब करने की किसी को इजाजत नहीं है।