नगर पालिका चौराहे पर जाम लगाए लोग। अमर उजाला
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सराफा कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारी भी बाजार बंद कर समर्थन में उतर पड़े। पालिका चौराहे पर शव रख जाम लगाए लोगों को समझाने में जिला व पुलिस प्रशासन को पसीने छूट गए। जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम हटा और शव का दाह संस्कार किया गया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। मोबाइल मिलने की झूठी सूचना देने पर सिविल लाइन थाने के प्रभारी निरीक्षक जेके शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
कोतवाली के कबीरगंज मोहल्ले में रहने वाले सराफा कारोबारी धर्मेंद्र सोनी के पुत्र अर्पित सोनी (22) के पास शनिवार शाम को मोबाइल पर फोन आया। वह दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से निकला, तब से उसका कोई पता नहीं चल सका। बाद में धर्मेंद्र के मोबाइल पर अर्पित को अगवा करने की सूचना आई। छोड़ने के बदले दस लाख रुपये मांगे गए। धर्मेंद्र ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने न तो कोई कार्रवाई की और न रिपोर्ट दर्ज की। रविवार को अर्पित का शव नीलकंठ मंदिर के पीछे जंगल में मिला। सिर कूंचकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम हाउस में पिता की शिनाख्त के बाद पुलिस ने देर रात को घरवालों की तहरीर पर अर्पित के दोस्त सचिन व उसके भाई नितिन की खिलाफ अपहरण व हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। इसमें नितिन को मुख्य आरोपी बताया गया है।
इधर, सोमवार सुबह जाम व प्रदर्शन से जिला व पुलिस प्रशासन बैकफुट पर नजर आया। सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ कुशवाह, एसडीएम सदर सिद्धार्थ कुमार, एसपी सिटी रामयश सिंह, सीओ सिटी वैभव कृष्ण पांडेय समेत काफी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची। अंतत: आश्वासन मिलने पर जाम हटा तो प्रशासन ने राहत की सांस ली। सीओ सिटी वैभव कृष्ण ने बताया कि सचिन और कृष्णा को हिरासत में लिया गया है। नितिन की तलाश की जा रही है।