शनिवार को अगवा किए गए छात्र की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। उसका शव रविवार दोपहर को कोतवाली के नीलकंठ मंदिर के पीछे जंगल की खाई में मिला। हत्यारों ने सुनार को छोड़ने के लिये घरवालों से दस लाख की डिमांड की थी। जिसकी सूचना घरवालों ने कोतवाली पुलिस को फोन पर दी थी। देर शाम को पिता ने पोस्टमार्टम हाउस में शव की शिनाख्त की।
कोतवाली के कबीरगंज निवासी धर्मेंद्र सोनी की सराफा बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों की दुकान है। यहां पर धर्मेंद्र सोनी अपने 22 वर्षीय छोटे बेटे अर्पित सोनी के साथ बैठते थे। अर्पित लाला राम डिग्री कॉलेज में बीएसएसी फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि शनिवार शाम को सात बजे अर्पित के मोबाइल पर एक फोन आया। उसके बाद से अर्पित दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से चला गया। करीब रात साढ़े नौ बजे उनके मोबाइल पर एक अजनबी नंबर से फोन आया। इसमें एक युवक ने अर्पित को अगवा करने की बात कही और छोड़ने के एवज में दस लाख की डिमांड की। फोन करने वाले ने धमकी भी दी कि पुलिस को सूचना दी तो अर्पित की हत्या कर दी।
हड़बड़ाहट में धर्मेंद्र सोनी ने पहले घटना की जानकारी नाते-रिश्तेदार को दी और बाद में फोन से कोतवाली पुलिस को पूरा मामला बता दिया। पूरी रात घरवालों ने अर्पित की तलाश मोहल्ले के दोस्तों के घर पर जाकर दी लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद रविवार सुबह कोतवाली में तहरीर दी। वहीं, दोपहर में नीलकंठ मंदिर के पीछे जंगल की 20 फीट गहरी खाई में सिर कुचली लाश बरामद हुई। शरीर पर मटमैली रंग का पैंट, जाकेट और नीली टीशर्ट थी। भनक लगते ही सीओ वैभव कृष्ण पांडेय, सिविल लाइन एसओ जेके शर्मा समेत एसएसआई लाल सिंह व फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू की।
हाथ पर ऊं का चिह्न खुदा होने से धर्मेंद्र ने शव की शिनाख्त बेटे अर्पित के रूप में की। सीओ सिटी वैभव कृष्ण पांडेय का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। वारदात में तीन से चार लोगों के शामिल होने की आशंका है। अपहरण और फिरौती का मामला नहीं है। संदिग्ध नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया है।
बॉल खोजने पहुंचे बच्चों को मिली थी लाश
नीलकंठ मंदिर के पीछे बड़ा जंगल है। जहां पर कुछ हिस्से में खुला मैदान है। अर्पित के बड़े भाई जितेंद्र सोनी ने बताया कि रविवार दोपहर को बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। तभी अचानक गेंद 20 फीट गहरी खाई में चली गई। गेंद को खोजने पहुंचे बच्चों की नजर लाश पर पड़ते ही दहशत फैल गई। इसके बाद पुलिस पहुंची। पुलिस ने ही उन्हें लाश मिलने की सूचना दी थी।
गुमराह करने के लिए घरवालों को किया गया फोन
सीओ वैभव कृष्ण पांडेय का कहना है कि फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने खून के नमूने लिए हैं। उनके अनुसार करीब 16 घंटे पहले शनिवार शाम साढ़े सात बजे के दरमियान हत्या हुई है। घरवालों ने करीब साढ़े नौ बजे फोन आने की बात कही है। ऐसा लग रहा है कि गुमराह करने के लिए हत्यारों ने घरवालों को फोन किया है।
हत्या के बाद बोरी में भरकर ले गए लाश
घटनास्थल पर खून के धब्बों और लाश का आधा हिस्सा बोरी में होने से लग रहा था कि हत्या के बाद हत्यारों ने बोरी में भरकर लाश को ठिकाने लगाया है। करीब 100 मीटर की दूर तक अर्पित के खून के धब्बे वारदात की गवाही दे रहे थे।
दोस्त पर शक
एसएसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि मामले की पड़ताल में पुलिस को पता चला है कि अर्पित की एक युवक से गहरी दोस्ती थी। उसने अर्पित से पांच लाख रुपये उधार मांगे थे। इसकी जानकारी अर्पित ने परिवार के लोगों को दी थी। शनिवार शाम को अर्पित उसी दोस्त के साथ ही गया था। जांच यह भी बात सामने आ रही है कि जिस युवक का फोन आया व अर्पित के दोस्त का भाई है। दोनों की तलाश की जा रही है। उनके घरों में छापा मारा तो पता चला है कि वे बाहर गए हैं।