अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। कई साल पुराने मामलों में एडीएम/न्याय निर्णयन अधिकारी कोर्ट ने तीन विक्रेताओं पर कुल सवा लाख रुपये जुर्माना लगाया है। इनमें दूध के दो मामलों में 50-50 हजार रुपये और फैनी के एक मामले में 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। ये दोनों खाद्य पदार्थ जांच में अधोमानक पाए गए थे।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी एडी पांडेय ने बताया कि सितंबर में अपमिश्रित खाद्य पदार्थों के खिलाफ न्याय निर्णयन अधिकारी की कोर्ट से तीन मामलों में निर्णय सुनाया गया है। 13 अक्तूबर 2011 को खाद्य सुरक्षाधिकारी अरुण कुमार ने बकेवर के निबाड़ी कलां से टैंकर के दूध का नमूना लिया था। इसे प्रयोगशाला भेजा गया था। दूध अधोमानक पाया गया था। खाद्य कारोबारी के तौर पर औरैया जिले के नगलारामधन निवासी मनोज कुमार सिंह एवं दूध मालिक के रूप में बिधूना थाना क्षेत्र के नगला लालजू निवासी रजनीश कुमार के खिलाफ न्याय निर्णयन अधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया गया। सात सितंबर को कोर्ट ने दोनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
13 मार्च 2014 को खाद्य सुरक्षाधिकारी भैयालाल प्रजापति ने जसवंतनगर के कैस्त गांव से आगरा के बाह थाना क्षेत्र के गांव पातीपुरा (पार्वतीपुरा) निवासी दूधिया रामवीर के कंटेनर से दूध का नमूना लिया था। कोर्ट ने रामवीर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया है। तीन अगस्त 2017 को नगर क्षेत्र के मुफ्तीटोला निवासी फैनी कारोबारी शमीम अहमद उर्फ बादशाह के यहां से खाद्य सुरक्षाधिकारी ओम प्रकाश यादव ने नमूना लिया था। यह नमूना भी जांच में फेल पाया गया। इस पर विक्रेता के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर हुआ। गत 19 सितंबर को कोर्ट ने दुकानदार शमीम अहमद पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
-न्याय निर्णयन अधिकारी कोर्ट से हुई कार्रवाई