पुलिस पर पथराव कर वारंटी को छुड़ाया
वारंटी के परिजनों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। गुंडा एक्ट में अदालत से वारंटी अभियुक्त को पकड़ने गई ऊसराहार पुलिस पर ग्रामीणों ने ईट पत्थरों से हमला कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस से अभियुक्त को भी छुड़ा लिया। फोर्स कम होने से पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा।
थाना ऊसराहार क्षेत्र के भरतिया चौकी क्षेत्र के गांव नगला दुली में गुंडा एक्ट में अभियुक्त संजीव कुमार पुत्र कप्तान सिंह का अदालत से वांरट जारी हुआ था। वह अदालत में हाजिर नहीं हो रहा था। वारंटी एवं वांछित अभियुक्तों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे आपरेशन चक्रव्यूह के तहत चौकी इंचार्ज हरिशंकर की अगुवाई में पुलिस वारंटी को पकड़ने के लिए प्राइवेट बोलेरो से गांव पहुंची।
पुलिस ने वारंटी संजीव को दबोच लिया और उसे बोलेरो से थाने ले जाने लगी। इस पर वारंटी शोर मचाने लगा। इस पर गांव वालों ने बोलेरो को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने जोर जबरदस्ती की तो ग्रामीणों ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिस बैकफुट पर आ गई।
ग्रामीणों ने पुलिस के कब्जे से अभियुक्त को छुड़ा लिया। गांव वालों का उग्र रूप देख पुलिस बगैर अभियुक्त को गिरफ्तार किए चली गई। थाना ऊसराहार में चौकी इंचार्ज हरिशंकर ने पुलिस पर हमला करने और अभियुक्त को छुड़ा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इस मामले में संजीव के पिता कप्तान सिंह, माता वीरवती, भाई राजीव उर्फ पिंकी, प्रदीप उर्फ कल्लू, अंशुल और बबली पत्नी राजीव के विरूद्ध धारा 147, 148, 149, 186, 336, 353, 504, 506, 389 और 7 क्रिमिनल एक्ट में दर्ज कराया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष राहुल पांडे ने बताया कि जल्द ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।
आधी अधूरी तैयारी के साथ गई थी पुलिस
ऊसराहार। इटावा-औरैया जिले की सीमा पर स्थित नगला दुली गांव वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस आधी-अधूरी तैयारी के साथ गई थी, जबकि यह गांव हमेशा से कुख्यात अपराधियों की शरणस्थली रहा है। कई बार पुलिस को इस गांव में मुंह की खानी पड़ी है। इसके बावजूद पुलिस बिना किसी तैयारी के पहुंच गई। पुलिस के हाथों से अभियुक्त को छुड़ा ले जाने से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस बिना तैयारी के ही आपरेशन चक्रव्यूह को अंजाम दे रही थी।
बताया जाता है कि ग्रामीणों ने पथराव के साथ-साथ पुलिस की जमकर पिटाई भी की। पुलिस पर हमला करने वालों में महिलाएं भी थीं। पुलिस पर हमले की यह घटना अप्रत्याशित नहीं थी, क्योंकि नगला दुली गांव हमेशा से पुलिस के लिए चुनौती रहा है। इसके बाद भी चौकी इंचार्ज हरिशंकर चंद सिपाहियों के साथ वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंच गए। क्षेत्राधिकारी विकास जायसवाल ने भी माना कि चूक हुई है। साथ ही कहा कि जल्द ही इस मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी।