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पांच दशक पुरानी रंजिश की चिंगारी

Sun, 29 May 2016 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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चौबिया थाना क्षेत्र के गांव सिमरिया के पास शुक्रवार शाम सपा नेता राजवीर सिंह यादव की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस पांच दशक पुरानी रंजिश को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजवीर को तीन गोली मारी गईं, जिसमें एक गोली पार हो गई, जबकि दो शरीर में फंसी मिली। शुक्रवार रात ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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चौबिया थाना क्षेत्र के गांव नगला कढ़ोरी निवासी सपा नेता ठेकेदार राजवीर सिंह यादव शुक्रवार शाम गांव में आयोजित भागवत सुनकर बाइक से इटावा लौट रहे थे। गांव सिमरिया के पास घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। राजवीर के भाई जयवीर ने नौदीप पुत्र रनवीर, पंकज पुत्र विनोद सिंह ,राजेंद्र उर्फ करूं पुत्र राम लडे़ते निवासी नगला कढ़ोरी तथा उदयवीर व रिंकू पुत्र शेर सिंह निवासी नगला बने थाना चौबिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस को अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चला है। ठेकेदारी को लेकर विवाद की आशंका जताई जा रही है।

राजवीर सिंह यादव की हत्या के पीछे  पांच दशक पुराना विवाद तो वजह नहीं, इस बारे में भी पुलिस जांच कर रही है। 1965 में गांव में रामलड़ेते के परिवार में एक हत्या हो गई थी। इस हत्याकांड में राजवीर सिंह के पिता दिगंबर सिंह यादव भी नामजद थे। दिगंबर को 20 साल की सजा भी हुई थी। सजा काटने के बाद भी दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव बना रहा। बीच-बीच में पंचायत भी होती रही। कहीं पुश्तैनी रंजिश की यही चिंगारी हत्याकांड की वजह तो नहीं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है। राजवीर सिंह के भाई जयवीर सिंह ने जिन लोगों को नामजद किया है, उनमें रामलडे़ते का पुत्र भी शामिल है। एएसपी राम किशन यादव ने बताया कि पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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