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सिक्कों के मामले के दोनों आरोपियों को अदालत से मिली जमानत

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अमर उजाला ब्यूरो
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बकेवर।
कानपुर से दिल्ली को जाने वाली टूरिस्ट बस में मिले 15 लाख से अधिक के सिक्कों के मामले में जेल भेजे गए दोनों आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। आरबीआई की गाइडलाइन से दोनों को जमानत मिली है।
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बकेवर पुलिस ने विगत सप्ताह बकेवर बाईपास हाईवे पर एक टूरिस्ट बस को पकड़ा था। जो कानपुर से दिल्ली जा रही थी। बस में 54 बोरियां बरामद हुई थीं। जिनमें 1 रुपये से 5 रुपये तक के सिक्के थे। गिनती में 15 लाख 39 हजार रुपये के निकले थे। पुलिस के अनुसार सिक्के दिल्ली में गलाकर ब्लेड व नकली ज्वैलरी बनाने के काम आते हैं। पुलिस ने बस चालाक, परिचालक सहित बस मालिक व कानपुर के हंस ट्रैवलर्स चलाने वाले दो भाइयों पुलकित व अभिषेक के विरुद्ध क्वाइन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पकड़ी गई टूरिस्ट बस के चालक अरुणा नगर मजनू का टीला दिल्ली निवासी अमरजीत व परिचालक रेउस नंदगंज थाना नंदगंज जनपद गाजीपुर निवासी सुनील को जेल भेज दिया था। सिक्कों को सील किया था। सिक्कों के मामले में पुलिस द्वारा जेल भेजे गए दोनों आरोपियों को एसीजेएम चतुर्थ के न्यायालय से जमानत मिल गई है। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सुभाष त्रिपाठी ने बहस की। जिसमें उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की एक गाइड लाइन में लिखा है कि सिक्कों को कितनी भी मात्रा में कहीं से भी किसी एक स्टेट से दूसरे स्टेट में ले जाना अपराध नहीं है। पुलिस ने सिक्कों को गलाने के मकसद से ले जाना मामले में दिखाया था, लेकिन गलाने जैसी कोई मशीन न मिलने से पुलिस ने इसको अपराध साबित न मानकर दोनों आरोपियों को जमानत दे दी।
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- सिक्कों के मामले के दोनों आरोपियों को अदालत से मिली जमानत
- बकेवर बाईपास पर चेकिंग के दौरान टूरिस्ट बस में 54 बोरियों में मिले थे सिक्के
- पुलिस ने चालक, परिचालक समेत पांच लोगों पर दर्ज की थी रिपोर्ट



































































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