अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। मगध एक्सप्रेस में छात्रा से छेड़खानी व ट्रेन से फेंकने की कोशिश करने के आरोपी दोनों फौजियों को जीआरपी ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। घटनास्थल कानपुर के चंदारी स्टेशन का होने की वजह से मामला जीआरपी कानपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। दूसरी तरफ यह भी पता चला कि युवती 10 दिन से घर से गायब थी। ऐसे में उसे मिर्जापुर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मालूम हो कि बुधवार को मगध एक्सप्रेस में मिर्जापुर निवासी रिटायर्ड जज की बेटी यात्रा कर रही थी। ट्रेन के इलाहाबाद से आगे बढ़ने पर उसमें फौजी तपेश कुमार व अमित कुमार ने छेड़खानी कर दी। ये दोनों बिहार रेजीमेंट दानापुर में तैनात हैं और दिल्ली जा रहे थे। आरोप है कि युवती ने विरोध किया तो दोनों ने चंदारी स्टेशन के पास चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की कोशिश की। इस पर युवती ने यूपी 100 को सूचना दी। जहां से उसे इटावा जीआरपी का नंबर मिला। ट्रेन के इटावा पहुंचने पर जीआरपी ने युवती व आरोपी फौजियों को नीचे उतारा। युवती की तहरीर पर दोनों के खिलाफ देर रात रिपोर्ट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त टूंडला योगेंद्र पाल एवं प्रभारी इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह ने इटावा पहुंचकर मामले की तहकीकात की। युवती के 164 के तहत बयान दर्ज करने के बाद आरोपी फौजियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि युवती 10 दिन से घर से गायब थी। उसके परिजनों ने मिर्जापुर जिले के देहात कोतवाली में गुमशुदगी भी दर्ज कराया है। इस पर मिर्जापुर पुलिस को सूचना दी गई। मिर्जापुर से कांस्टेबल अली असगर खान तथा महिला सिपाही मधुबाला इटावा पहुचे और यहां से युवती को साथ लेकर लौट गए। जीआरपी थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि घटना स्थल कानपुर जिले का है। इसलिए विवेचना जीआरपी कानपुर स्थानांतरित की गई है। जेल भेज गए फौजी तपेश कुमार एवं अमित कुमार बिहार रेजीमेेंट दानापुर में तैनात हैं। युवती को मिर्जापुर महिला पुलिस की अभिरक्षा में परिजनों के पास भेजा गया है।
- 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए छेड़खानी के आरोपी फौजी
- रिटायर्ड जज की बेटी से ट्रेन में छेड़खानी का मामला
- पीड़ित युवती को जीआरपी ने मिर्जापुर पुलिस के हवाले किया
- 10 दिन पहले मिर्जापुर पुलिस ने दर्ज किया था युवती की गुमशुदगी