इटावा। पुलिस की सुस्ती के चलते डेढ़ माह गुजरने के बाद भी कस्बे की चार बड़ी चोरियों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। इसे लेकर इलाके के लोगों में नाराजगी है। आरोप लगाया कि पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। पीड़ित परिवारों ने घटना की जानकारी एसएसपी को दी है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नौ फरवरी की रात को ग्राम व्यासपुर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक दुबे पुत्र पद्म नारायण दुबे के घर में छह लाख की चोरी हुई थी। इसी प्रकार 18 फरवरी को शाला गांव में सेवानिवृत्त बैंक कैशियर अरविंद चतुर्वेदी पुत्र रमेश चंद्र के घर से चोर साढ़े चार लाख के जेवर व दो लाख रुपये नकदी पार कर ले गए थे। उसी रात ग्राम सराय नौंधना निवासी देवेश चंद्र पुत्र गजाधर प्रसाद चौबे के घर में भी चोरी हुई। गृहस्वामी का पुत्र नशीला पदार्थ से बेहोशी की अवस्था में आ चुका है। तब चोर सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरे और कमरे की कुंडी खोल ली। फिर वहां रखे बक्से-अटैचियों के अलावा सेफ का ताला तोड़ डाला। वहां रखे तकरीबन 25 लाख रुपये के जेवर व 50 हजार रुपये की नकदी आदि सामान चुरा ले गए। सिलसिलेवार घटी चोरी की घटनाओं की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज की पर डेढ़ माह बीतने के बावजूद अब तक उसके हाथ खाली हैं।
इन घटनाओं के बाद एक चोरी महेवा के समीपवर्ती ग्राम राहतपुरा में हुई। शिवपाल सिंह यादव के घर में छत का जाल काटकर चोरों ने सवा लाख रुपये के जेवर व एक लाख की नकदी अलमारी तोड़कर चुरा ले गए। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट तक नहीं लिखी। गौरतलब है कि चोरी की वारदातों में पुलिस ने कई संदिग्धों को उठाया लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। पीड़ित परिवारों ने एसएसपी संतोष कुमार को घटना से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी संतोष कुमार त्रिपाठी अभी आए हैं। उन्हें चोरी के खुलासे में लगाया गया है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।