सिविल लाइन थाने में कोर्ट के आदेश पर ब्लॉक प्रमुख किशनी उनके अवर अभिंयता पति सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
आरोप है कि इन लोगों ने षड्यंत्र कर फर्जी व कूट रचित अभिलेख तैयार कर न्यायालय के साथ धोखाधड़ी कर फौजदारी दीवानी न्यायालय में मुकदमा कायम कराया था। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी रामनाथ सिंह यादव निवासी आवास विकास कालोनी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उसने प्रकाश नगर महेरा चुंगी के पास 13 नवंबर 1987 को ज्ञान सिंह से एक प्लाट खरीदा था।
यह उनकी पत्नी शकुंतलादेवी के नाम था। उसने प्लाट की नींव भरा दी थी लेकिन मंडी में अवर अभियंता के पद पर तैनात रामपाल सिंह पुत्र मुलायम सिंह ने बाउंड्री बनाकर प्लाट पर कब्जा कर लिया।
जानकारी होने पर उन्होंने रामपाल सिंह उसकी पत्नी व ब्लॉक प्रमुख किशनी मीरा देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी विवेचना न्यायालय में प्रेषित कर दी गई।
आरोप है कि रामपाल ने अपने अवैध कब्जे को बचाने के लिए पत्नी मीरादेवी के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में 7 सितंबर 2017 को दिए शपथपत्र में बाउंड्री बनी होना बताया।
लेकिन बाद में उन्होने 20 अगस्त 2017 को दूसरा शपथ पत्र देकर रामनाथ सिंह पर बाउंड्री तोडकर ईंट उठाकर ले जाने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ वाद दायर करने में सफलता प्राप्त कर ली।
इस पर रामनाथ सिंह ने रामपाल उनकी पत्नी मीरादेवी सहयोगी कृष्ण पाल व सिया राम के खिलाफ कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने प्रार्थनापत्र दिया।
कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाने मे राम पाल सिंह ब्लॉक प्रमुख किशनी मीरादेवी व कृष्णपाल व सिया राम के खिलाफ धोखाधडी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।