अपर सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र पांडेय ने जाली नोटों के मामले की सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों को दस-दस वर्ष के कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उनको दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
घटना 15 मई 2011 की है। एसआई लवकुश पुलिस कर्मियों के साथ क्षेत्र में थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो लड़के पक्का तालाब नुमाइश चौराहा के पास नकली नोट लिए खड़े हैं। सूचना पर पुलिस ने दविश दी और दीपू गुप्ता पुत्र मोतीलाल निवासी कांशीराम कालोनी को पकड़ लिया। उसके पास से पांच सौ के 11 जाली नोट बरामद हुए। आरोपी के अनुसार यह नोट उसके साथी जयवीर सिंह पुत्र धार सिंह निवासी ग्राम कोकपुरा ने दिए थे।
वह शराब लेकर नोटों को चलाने आया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को न्यायालय में पेश किया। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता मो. जुबैर तैमूरी अपने तर्कों के जरिये वाद को सिद्ध करने में सफल रहे। न्यायाधीश ने दोनों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल वर्ष की सजा और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया।