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लखना कस्बा में आठ हरे पेड़ काटे जाने की हुई पुष्टि

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इटावा। लखना कस्बे में हरे पेड़ काटे जाने की जांच डीएम जेबी सिंह ने कराई है। यह पेड़ अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर पंचायत ने कटवा दिए। वन विभाग ने नगर पंचायत ईओ और कुछ मजदूरों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया है। अब रविवार को डीएम के निर्देश पर मामले की जांच करने भरथना तहसीलदार गजराज सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जांच में आठ हरे पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है।
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लखना में संरक्षित श्रेणी का अशोक समेत बेंजामिन व चितवन के पेड़ काट दिए गए। क्षेत्रीय लोगों के विरोध के बाद यह मामला तूल पकड़ गया। वन विभाग ने जांच कराई तो संरक्षित व हरे पेड़ काटने पर नगर पंचायत ईओ देवेंद्र सिंह व पांच छह मजदूरों के खिलाफ लखना वन रेंज कार्यालय में वन संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज करा दिया। हालांकि ईओ देवेंद्र सिंह का कहना है कि नगर पंचायत ने किसी संरक्षित पेड़ को नहीं कटवाया है। जो काटे गए उनकी परमीशन ली गई है।

अब इस मामले की जांच डीएम करा रहे हैं। उनके आदेश पर रविवार को तहसीलदार भरथना गजराज सिंह जांच करने पहुंचे। तहसीलदार भरथना ने मौके पर कटे पेड़ों के ठूंठ देखे और लोगों से पूछताछ की। तहसीलदार भरथना ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम भरथना एनपी मौर्य को दे दी है। इस संबंध में एसडीएम भरथना नंद प्रकाश मौर्य ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर यह जांच कराई गई है। जांच में आठ हरे पेड़ कटवाए जाने की पुष्टि हुई। पेड़ संरक्षित प्रजाति के थे या नहीं। यह अभी नहीं कह सकते। लेकिन हरे पेड़ थे। जांच में इस बात की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
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मालूम हो कि लखना नगर पंचायत ने सब्जी मंडी मार्ग पर गत शुक्रवार को अतिक्रमण हटवाया था। इसी दौरान नगर पंचायत लखना के ईओ देवेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के जरिये कुछ हरे पेड़ भी कटवा दिए। जिस पर नगर के तमाम समाजसेवियों व व्यापारी वर्ग ने आपत्ति जताई थी। लोगों की सूचना पर पहुंचे लखना वन रेंज के अधिकारियों ने जांचकर हरे पेड़ काटने के मामले में नगर पंचायत लखना के ईओ देवेंद्र सिंह व अज्ञात कर्मचारियों के विरुद्ध हरे पेड़ काटने पर लखना वन रेंज कार्यालय में ही वन सरंक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया था। लखना ईओ का कहना है कि उन्होंने वन विभाग से अनुमति लेने के बाद ही अतिक्रमण में आने वाले पेड़ों को छटवाया व कटवाया गया था।
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