बिजली कर्मी की मौत पर हंगामा, आपूर्ति ठप
इटावा। सिविल लाइन थानाक्षेत्र के आईटीआई चौराहे के पास बाइक से जा रहे दो बिजली कर्मियों की बाइक में तेजी से आ रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलने पर उसके साथी अस्पताल पहुंचे गए।
लोग मृतक के शव को अपने साथ ले गए और मैनपुरी रेलवे क्रासिंग के पास शव रखकर जाम लगा दिया। इसके अलावा अस्पताल समेत शहर की आपूर्ति ठप कर दी। उनकी मांग थी कि मृतक के परिजनों को 15 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। सूचना पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे गए। अधिकारियों ने लोगों को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उसके बाद लोगों ने जाम खोला। आपूर्ति रात करीब साढ़े आठ बजे तक बंद थी।
अड्डा जालिम निवासी 40 वर्षीय बृजेश कुमार पुत्र राम दुलारे व अविनाश कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी राम नगर बिजली विभाग में संविदा कर्मी के रूप में काम करते है। गुरुवार दोपहर दोनों बाइक से कहीं जाने के लिए निकले थे। जैसे ही दोनों आईटीआई चौराहे पास पहुचे तभी सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर चालक ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान बृजेश की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर उनके साथी व परिजन मौके पर पहुंच गए। अस्पताल कर्मी उसके शव को रखने के लिए मुर्दाघर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में बिजली कर्मियों ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और मैनपुरी फाटक के पास जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट शमशाद हुसैन सीओ सिटी राजेश कुमार के अलावा अन्य थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।
अधिकारियों ने लोगों से जाम खोलने के लिए कहा लेकिन मृतक के साथी मृतक के परिजनों को 15 लाख का मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। बाद में एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया लेकिन वह नहीं माने। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया तो बिजली कर्मी ढ़ीले पड़ गए और उन्होंने जाम खोल दिया। लेकिन उसके बाद बिजली कर्मियों ने पूरे शहर की सप्लाई ठप कर दी। जानकारी मिलने पर बिजली अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारी लोगों को समझा कर उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दे रहे थे।
कर्मचारियों ने शहर की बिजली काटी
इटावा। संविदा बिजली कर्मचारी की मौत से आक्रोशित कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने रणनीति बनाई। कर्मचारियों ने जिला अस्पताल से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। कर्मचारियों ने बड़े ही गोपनीय तरीके से काम लिया। अधिकारी कुछ समझ पाते इससे पहले ही कर्मचारियों ने शहर के विद्युत उपकेंद्रों पर जाकर फीडराें से बिजली आपूर्ति बंद कर दी। अधिकारी कर्मचारियों को समझाने बुझाने में लगे रहे। रात करीब साढ़े आठ बजे तक आपूर्ति चालू नहीं हुई थी।
- मुआवजे की मांग को लेकर मैनपुरी फाटक के पास लगाया जाम
- बिजली कर्मियों ने अस्पताल सहित शहर की बिजली बंद की
अमर उजाला ब्यूरो