इटावा ग्वालियर बाईपास पर ओवलोडिंग करते पकड़े गए ट्रकोें की कतार
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इटावा। एसएसपी वैभव कृष्ण की अगुआई में गुरुवार रात को बड़े पैमाने पर अवैध खनन व ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया गया। रात दो बजे से शुरू किए गए ऑपरेशन की भनक खनन माफियाओं को नहीं लग सकी। अभियान में ओवरलोडिंग व अवैध खनन कर बालू मौरंग के अलावा गिट्टी लादे 372 ट्रकों व डंपरों को सीज किया गया। पुलिस ने वाहनों को पास कराने में अपने वाहनों से चल रहे दस लोगों को भी हिरासत में लिया है। उनके पांच वाहनों को भी सीज किया गया। परिवहन विभाग व खनन विभाग ने पकडे़ गए वाहनों से एक करोड़ 24 लाख रुपया राजस्व वसूला है। इटावा में पहली बार इतने व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में ओवरलोडिंग कर मौरंग ले जाने वाले वाहनों पर डंडा चला है।
एसएसपी वैभव कृष्ण को सूचना मिल रही थी कि मध्य प्रदेश से अवैध खनन कर उसे ओवरलोडिंग कर बालू मौरंग के अलावा गिट्टी को बड़े पैमाने पर लाया जा रहा है। ट्रक चालक व उन्हें पास कराने वाले माफिया सुबह के समय वाहनों को निकालते हैं। इस सूचना पर एसएसपी ने एएसपी जितेंद्र श्रीवास्तव के अलावा जिलेे के तीन सीओ व नौ थानाध्यक्षों को रात दो बजे बुलाया। चंबल नदी से लेकर लायन सफारी तक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने खनन विभाग के अलावा परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी बुला लिया। अभियान में कुल 372 वाहनों को पकड़ कर उन्हें सीज किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने अपने वाहनों से ट्रकों को पास कराते दस लोगों को भी हिरासत में लिया है। उनके पास से मिले पांच वाहनों को भी सीज किया। अभियान रात दो बजे से सुबह आठ बजे तक चला। पकड़े गए वाहनों से परिवहन विभाग ने 35 लाख व खनन विभाग ने 89 लाख रुपये राजस्व के रूप में वसूल किया। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि इस बार जो अभियान चलाया गया वह भिंड के अधिकारियों के सामंजस्य से किया गया । पहले माफिया सीमा विवाद का फायदा उठाकर अपने वाहन वहां खडे़ कर लेते थे। उन्होंने बताया उदी चौकी पर तैनात सिपाहियों के अलावा जिले के 56 आरक्षियों का तबादला किया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों के बारे में जानकारी की जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ओवर लोडिंग करने वालें खनन माफियाओं की टूटी कमर
इटावा (ब्यूरो)। इटावा में जब से एसएसपी वैभव कृष्ण ने जिले का काम काज सम्हाला है। उन्हाेंने खनन माफियाओं के अलावा ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ कई बार अभियान चलाया। इतने बड़े पैमाने पर पहली बार अभियान चलने से माफियाओं की कमर टूट गई है। माफियाओं को सहयोग करने के शक में उन्होंने कुछ सिपाहियों को भी हटा दिया है। इससे पहले भी वह कुछ पुलिस कर्मियों को जेल भेज चुके हैं। इस बार उन्होंने विशेष सतर्कता बरतते हुए अभियान को चलाया। यही कारण रहा अभियान रात दो बजे से चलाया गया।
प्रदेश सरकार ने अवैध खनन के अलावा ओवरलोडिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। एसएसपी वैभव कृष्ण ने जब से इटावा में चार्ज लिया उन्होंने भी ओवरलोडिंग व अवैध खनन को रोकने के लिए अभियान को गति दी। उन्होंने पुलिस कर्मियों को भी इसे रोकने के सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन उन्हें सूचना मिल रही थी कि कुछ पुलिस कर्मी इसमें संलिप्त हैं। उन्होंने कुछ दिनों पहले स्वयं हेल्पर बनकर एक ट्रक में बैठकर आए तो सिपाही ने उनसे भी दो हजार रुपये की मांग की थी। इस पर उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को सस्पेंड कर गिरफ्तार करा दिया था।
इसके अलावा उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी फर्रुखाबाद के खिलाफ लिखकर शासन को भेजा था। एसएसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कं प मचा रहा था। उसके बाद ओवरलोडिंग के अलावा अवैध खनन पर अंकुश लगा था। लेकिन मामला ठंडा होने के बाद फिर से चोरी छिपे ओवरलोडिंग वाहनों का आना शुरू हो गया था। उन्हें जानकारी मिली कि रात 12बजे के बाद ही वाहन निकलते हैं। इस पर उन्होंने रात दो बजे से अभियान चलाने का निश्चिय किया। रात दो बजे से चले अभियान में 372 ट्रकों को ओवरलोडिंग के अलावा अवैध खनन में पकड़ा। पुलिस की यह कार्रवाई इटावा में सबसे बडी कार्रवाई है। इस कारवाई ने माफियाओं की कमर तोडकर रख दी है। एसएसपी ने बताया कि वह वाहन स्वामियों के बारे में इसकी जांच करा रहे हैं कि वह पूर्र्व में कितनी बार अवैध खनन में लिप्त रहे। जो लोग पहले भी अवैध खनन में लिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ संगठित गिरोह अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।