इटावा। गिरफ्तार किए गए फर्जी दरोगा पर 2015 में चौबिया थाने में हत्या के प्रयास सहित मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें फर्जी दरोगा के पांच परिवारीजन भी नामजद किए गए थे। सितंबर 2017 में मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा हटा दी गई थी साथ ही दो लोगों के नाम भी हटा दिया गए थे। फर्जी दरोगा जमानत पर बाहर था।
चौबिया थाना क्षेत्र के मिलकिया गांव निवासी सुनील कुमार ने फर्जी दरोगा विपिन कुमार यादव और उसके परिवारीजन शैलेंद्र कुमार, हरेंद्र, राहुल, राम प्रकाश व मनोज कुमार पर मारपीट और लाइसेंसी राइफल से गोली चलाने का आरोप लगाया था। सुनील कुमार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी थी। जांच में गोली चलने की बात सामने न आने पर धारा 307 हटा दिया था, साथ राम प्रकाश और मनोज का नाम भी मुकदमे से हटा दिया था। इसके बाद सभी को जमानत दे दी गई थी।
जमानत पर छूटते ही विपिन कुमार ने गांव में खुद को फर्जी दरोगा बताया था और गांव वालों पर रौब दिखाता था। इसके साथ ही साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में वर्दी पहन कर घूमता था और लोगों को फंसा कर उनसे पैसे वसूलता था।
मंगलवार को भी विपिन ने फर्जी दरोगा बन सदर कोतवाली क्षेत्र के सिंधी बाजार में सराफा व्यापारी अमित सोनी की दुकान से सोने की चेन ली थी। अगले दिन चेन वापस कर पैसे लेने की बात कही थी। व्यापारी को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना कर दी थी। बुधवार को जब विपिन चेन वापस करने पहुंचा तो व्यापारी की मदद से पुलिस ने उसे पकड़ लिया और मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।