डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति दिखाते एसपी देहात। संवाद
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बसरेहर (इटावा)। चौबिया थाने के शौचालय में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पड़ी होने का फर्जी वीडियो वायरल करने में थाने के एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। यह वीडियो गुरुवार रात को वायरल हुआ था।
एसपी देहात की जांच में दरोगा और दोनों सिपाहियों की संलिप्तता सामने आई। एसपी देहात ने सत्यपाल सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में प्रतिमा शौचालय में पड़ी दिख रही थी। वीडियो चौबिया थाने का बताया गया। रात में वहां पहुंचकर जांच की तो पता चला कि प्रतिमा थानाध्यक्ष के कार्यालय में लगी है। वीडियो को एडिट करके षडयंत्र के तहत वायरल करने की बात सामने आई है। वीडियो बनाने वाला ऐसी चप्पल पहने है, जो थाने के दो सिपाही और एक दरोगा इस्तेमाल करते हैं। वीडियो जानबूझकर बनवाने और उसे वायरल कराने की पुष्टि होने पर दरोगा धर्मेंद्र शर्मा, सिपाही कुलदीप कुमार और सचिन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों की थानाध्यक्ष से किसी बात की खुन्नस थी। इसी वजह से ऐसा किया गया।
डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के शौचालय में रखे जाने के वीडियो पर बसपा के एमएलसी भीमराव अंबेडकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। एमएलसी ने कहा चौबिया थानाध्यक्ष ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के साथ अपमानजनक व्यवहार कर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरजन सिंह जाटव ने एसएसपी से इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि यह जांच का विषय है कि प्रतिमा कहां से और कब थाने में आई।