इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम मिलन सिंह ने जहरखुरानी के मामले में सुनवाई करते हुए छह लोगों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उन्हें जेल में बिताई अवधि की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी दोषी 2018 से जेल में हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि छह अप्रैल 2018 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव बुलाकीपुरा निवासी सुभाष चंद्र यहां से कानपुर लेबर को रुपये देने के लिए निकले थे। जब वे तकिया तिराहे के पास पहुंचे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें प्रसाद में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इससे वे बेहोश हो गए। इसी बीच गिरोह के सदस्य उनके पास से रुपये व मोबाइल फोन छीन ले गए। होश में आने के बाद उन्होंने अनिल नाम के व्यक्ति के मोबाइल फोन से वारदात की जानकारी परिजनों को दी। सूचना पर उनका पुत्र योगेंद्र मौके पर पहुंचा और सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद पुलिस ने कुछ दिन बाद ही अड्डा टीला निवासी जीशान व खालिक को पकड़ा और पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने वारदात में शामिल होना बताया। योगेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने मोहल्ले के ही इरशाद, खालिक, शहजाद, जीशान, कलाम व छोटू उर्फ चिल्ला उर्फ सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने उनके खिलाफ साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किए। पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई।