ताखा। 10 दिन पहले सिलिंडर से लगी आग से झुलसे दो वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। हादसे में माता-पिता भी झुलस गए थे, जिनका इलाज सैफई आयुर्विज्ञान विवि में चल रहा है।
पांच सितंबर को ऊसराहार क्षेत्र के ग्राम मोहरी निवासी जयचंद्र की पत्नी सुनीता खाना बना रही थीं। इसी दौरान लीकेज के कारण सिलिंडर में आग लग गई। सुनीता कुछ समझ पाती उससे पहले आग पूरे कमरे में फैल गई और वह चपेट में आ गईं। पत्नी की चीख सुनकर जयचंद्र बचाने गए तो वे भी आग की चपेट में आ गए थे। इस दौरान कमरे में खेल रहा उनका दो वर्षीय बेटा कार्तिक भी झुलस गया था।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से आग बुझाई थी और एंबुलेंस से तीनों को सैफई में भर्ती कराया था। गुरुवार को कार्तिक की मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और उसे दफना दिया। डॉक्टरों ने बताया कि दंपती की भी हालत गंभीर है।