बकेवर/चकरगनर। चकरनगर के हनुमंतपुरा में शरीर में फफोले निकलने से मवेशी की मौत हो गई। महेवा ब्लॉक के दो गांवों में दो गोवंशों में लंपी के लक्षण मिले हैं। हालांकि डॉक्टर ने मवेशी की मौत त्वचा रोग से होना बताया है।
हनुमंतपुरा के अनिल तिवारी ने बताया कि गाय एक सप्ताह से बीमार थी। उसके सारे शरीर पर फफोले पड़ गए थे। गाय ने चारा खाना भी बंद कर दिया था, इस वजह से कमजोर होने के साथ दर्द से कराहती रहती थी। मंगलवार उसने दम तोड़ दिया। गोवंश को अपनी निजी भूमि पर दफन कर दिया है। क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल संखवार ने बताया क्षेत्र में अभी तक किसी भी पशु में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण नहीं मिले हैं। गाय की मौत त्वचा रोग की वजह से हुई है।
उधर, महेवा के ग्राम बहादुरपुर में प्रदीप खटीक ने बताया कि उनकी गाय में लंपी बीमारी के लक्षण मिले हैं। गाय के पूरे शरीर पर बड़े-बड़े चकत्ते व फफोले हैं। वहीं ग्राम कुड़रिया के बाग में छुट्टा गाय में लंपी जैसी बीमारी के लक्षण मिले हैं। बकेवर पशु अस्पताल के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विनय कुमार मिश्रा, पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. अनिल वीर सिंह चौहान, फार्मासिस्ट अजय कुमार ने दोनों गांवों में पहुंचकर गायों का इलाज किया। डॉ. विनय कुमार मिश्रा ने बताया गायों में लंपी जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। पशु चिकित्सकों की टीम ने ज्यादा संख्या वाली गोशाला जैतपुर, बहादुरपुर, समेत छह अन्य गोशालाओं में पहुंचकर गोवंशों का टीकाकरण किया। टीम के सदस्यों ने पशुपालकों को सलाह दी है कि गोवंश को परेशानी होने पर तत्काल बताएं, ताकि समय रहते उपचार हो सके।