इकदिल (इटावा)। जमीन के विवाद में दंपती की ईंट और फावड़ा मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देकर मृतक के दोनों बेटे, पहली पत्नी और बहू फरार हो गए। सूचना पर डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सिटी और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
इकदिल थाना क्षेत्र के नगला पूठ गांव निवासी आशाराम (50) अपनी दूसरी पत्नी बेबी (45) के साथ कई सालों से दिल्ली में रह रहे थे। वह दिल्ली में ही एक कंपनी में सेल्समेन थे। गांव में उनकी पहली पत्नी गीता उर्फ रंगीली, बड़ा पुत्र अर्जुन (25), राहुल (19) और बड़े पुत्र की बहू करिश्मा के साथ रहती है। लगभग 12 दिन पहले गांव में बची पांच बीघा जमीन को बेचने के लिए आशाराम अपनी दूसरी पत्नी बेबी के साथ गांव में आया था। तब से सभी साथ ही घर में रह रहे थे।
दोनों पुत्र आशाराम से लगातार जमीन बेचने को मना कर रहे थे, लेकिन आशाराम जिद पर अड़े थे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे जमीन बेचने की बात पर पिता और पुत्रों के बीच कहासुनी हो गई। इस बीच आक्रोशित पुत्रों ने आशाराम के सिर पर फावड़े व ईंट मारकर हत्या कर दी। विरोध करने पर सौतेली मां को भी फावड़ा मार दिया। इससे उसकी भी मौत हो गई। मौके से पहली पत्नी, दोनों बेटे और बहू फरार हो गए। सूचना पर डीएम अवनीश राय, एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी सिटी अभय नाथ त्रिपाठी, सीओ सिटी अमित कुमार, एसओ अमित मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने गांव वालों से पूछताछ की। इसमें जमीन का विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने मृतक की बहन और मृतक बेबी की बेटी को सूचना दे दी है। देर रात वह लोग इटावा पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उन्हें शव सुपुर्द कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तीन आरोपियों को रात में हिरासत में ले लिया, जबकि एक की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया घरेलू जमीन के विवाद में हत्या होने की बात सामने आई है। घर में छह लोग रह रहे थे। दो लोग मृत अवस्था में मिले, जबकि चार लोग फरार हैं। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि उन्होंने हत्या की है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।