इटावा। सदर और भरथना नगर पालिका के दो प्रोजेक्ट ठेकेदारों की मनमानी और बजट के अभाव में अधर में लटके हैं। 2022 में इन दोनों प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए समय तय किया गया था, इसके बावजूद काम पूरा नहीं हो सका। वहीं इकदिल में लाखों रुपये बना डिवाइडर छह माह में ही टूटने लगा है।
2022 में जिले की नगर निकायों के छह प्रोजेक्ट पूरे करने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत इकदिल में कॉमर्शियल कांपलेक्स, कस्बे में इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण, डिवाइडर व चौड़ीकरण का काम करीब ढाई करोड़ की लागत से होने थे। वहीं भरथना के मोहल्ला ब्रजराजनगर में बाउंड्रीवाल और पार्क का 56 लाख रुपये से निर्माण होना था।
उधर लखना में अतिथि ग्रह का करीब 1.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होना था। शहर के नुमाइश पंडाल स्थित बुद्धा पार्क का भी 73 लाख रुपये से जीर्णोद्धार होना था। इन सभी के लिए बजट की स्वीकृति भी मिल गई थी। सभी काम पूरा करने के लिए 2022 में अलग-अलग समय निर्धारित किया गया था। इनमें से कई काम अधूरे पड़े हैं।
टूट गए डिवाइडर, कई जगह इंटरलॉकिंग ध्वस्त
इकदिल। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत के तहत मार्च 2020 में कस्बे की मुख्य सड़कों पर नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग और डिवाइडर बनवाने के लिए स्वीकृति मिली थी। इसके लिए करीब 62 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत हुआ था। इसका काम पूर्ण करा दिया गया लेकिन नगर के मुख्य मार्गों पर इंटरलॉकिंग उखड़ी पड़ी है। कई जगहों पर डिवाइडर भी टूटे हैं। इसके कारण लोगों को आवागमन में असुविधा होती है। (संवाद)
बुद्धा पार्क में नहीं शुरू हो सका काम
इटावा। अमृत योजना के तहत बुद्धा पार्क का जीर्णोद्धार होना था। इस पर काम कराने के लिए मार्च 2019 में स्वीकृति मिल गई थी। करीब 73 लाख रुपये का बजट इसके लिए स्वीकृत होना था। काम पूरा करने के लिए दिसंबर 2022 तक का लक्ष्य रखा गया था। बजट न मिलने से यह प्रोजेक्ट दम तोड़ रहा है। अधिकारियों का दावा है कि इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए बजट आवंटित हो सकता है। उसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। (संवाद)
पार्क की चहारदीवारी भी न बन सकी
भरथना। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत ब्रजराजनगर में पार्क बनवाया जाना था। 2021 में इस योजना को स्वीकृति मिलने के बाद करीब 56 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया। इसके लिए 56 लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिया गया और 28 लाख रुपये खर्च भी किए गए, इसके बावजूद अभी तक काम अधर में लटका है। चहारदीवारी तक पूरी नहीं बन सकी है। पार्क वाले स्थान पर लोग मवेशी बांध रहे हैं तो कहीं वाहन खड़े कर रहे हैं। यह काम सितंबर तक पूरा होना था। निवर्तमान चेयरमैन हाकिम सिंह ने बताया कि अधिकारियों की देखरेख न होने की वजह से ठेकेदार ने मनमानी की। मोटी रकम लेने के बावजूद उसने काम नहीं किया। (संवाद)
अधूरे कामों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य कामों के लिए बजट दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। - जयप्रकाश, एडीएम
कस्बे की मुख्य सड़क पर टूटी पड़ी इंटरलॉकिंग। संवाद- फोटो : ETAWAH