गोमती एक्सप्रेस से उतरने में मशक्कत करते यात्री। संवाद
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इटावा। दिवाली के बाद काम पर लौट रहे लोगों को दूसरे दिन भी रेलवे स्टेशन पर परेशानियों से जूझना पड़ा। ट्रेन में जगह पाने के लिए मारामारी मची रही। कुछ का सामान ट्रेन में ही छूट गया। कुछ का ट्रेन से नीचे गिरा तो उसे उठाने के लिए चेन पुलिंग कर दी। स्टेशन दिनभर यात्रियों से भरा रहा।
गुुरुवार सुबह 10:15 बजे दिल्ली जा रही गोमती एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। ट्रेन के धीमे होते ही यात्री चढ़ने लगे। स्टेशन पर उतरने वाले यात्री बोगी के गेट पर खड़े थे। इसलिए कुछ तो सीढ़ी पर ही खड़े हो गए। ट्रेन जैसे ही रुकी उतरने और चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी युवतियों और बुजुर्गों को हुई।
अफरा-तफरी के दौरान किसी यात्री का बैग ट्रेन में छूट गया तो किसी का सामान और जूता-चप्पल नीचे गिर गया। इस पर चेन पुलिंग करनी पड़ी। यात्रियों को ट्रेन के नीचे से सामान निकालते देखा गया। दोपहर 12 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर कानपुर से टूंडला जाने वाली मेमो ट्रेन रुकी तो उसमें भी उतरने और चढ़ने के लिए मारामारी मची रही।
गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस दो घंटे देरी से प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। यहां भी महाराष्ट्र जाने वाले यात्री सीट पाने के लिए कड़ी मशक्कत करते दिखे। सिक्कम-महानंदा एक्सप्रेस एक्सप्रेस का भी यही हाल रहा। लोगों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी।
वहीं, बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए गुरुवार को रोडवेज कर्मी सक्रिय नजर आए। बसों में यात्रियों को लाइन लगाकर चढ़वाया गया। इससे लोगों को काफी राहत मिली। भैयादूज होने के कारण रोडवेज बस अड्डे पर महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। नौकरी पेशा लोग भी बसों का इंतजार करते दिखे।