उरेंग गोशाला का निरीक्षण करते बीडीओ विक्रम सिंह राघव। संवाद
- फोटो : ETAWAH
निवाड़ीकला। उरैंग गोशाला में दो गोवंश की मौत हो गई। कुछ गायों की हालत गंभीर है। अधिकारियों के निरीक्षण में अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। गोशाला में हरे चारे, चूनी, चोखर की व्यवस्था तक नहीं मिली।
गुरुवार को मृत गायों को केयरटेकर दफन करा रहा था। इस बीच ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचना दे दी। बीडीओ विक्रम सिंह राघव और एडीओ पंचायत श्यामवरन ने गोशाला का निरीक्षण किया। खड़ंजा न होने की वजह से दलदल में पशु खड़े मिले। इसके बाद नायाब तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ ने गोशाला का हाल देखा। इस दौरान दो पशु मरणासन स्थिति में मिले। दो गोवंशों को दफनाया जा रहा था। अन्य पशु भी बीमार स्थिति में लग रहे थे। इस पर नयाब तहसीलदार ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए कहा। जयवीर सिंह ने बताया कि एक गाय बुधवार को मर गई थी, जबकि दूसरी गुरुवार को मरी हैं। पशुुुओं के लड़ने की वजह से दोनों की मौत हो गई है। पंचायत सचिव आदित्य देव चौहान ने बताया कि उन्हें गोशाला में पशु मरने की जानकारी नहीं है। पशु चिकित्सक डॉ. शरद ने घायल पशुुओं का उपचार किया है।
ग्रामीण रामकुमार, मनमोहन और अरविंद ने बताया कि गोशाला की अव्यस्थाओं से पशु गांवों में भी घूमते रहते थे। यह भूखे होने की वजह से फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। नायब तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उरैंग गोशाला में गायों के मरने की सूचना मिली थी। इस पर निरीक्षण किया है। दो गाय घायल पड़ी मिलीं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। मालुम हो बीते दिनों उरैंग गोशाला के बाहर एक गोवंश की मौत हो गई थी। उसके शव को कुत्ते नोंचकर खा रहे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्राम प्रधान ने एक व्यक्ति के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया था।