इटावा। जिले में निराश्रित गोवंशों को गोशालाओं में पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करने की बात जिम्मेदार कह रहे हैं। इसके बाद भी अन्ना मवेशी गली-मोहल्लों से लेकर नेशनल हाईवे और खेतों में धमाचौकड़ी मचा रहे हैं। गोवंशों से टकराकर कई बार हादसे हो चुके हैं। खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसानों की जान तक गई है।
शासन की ओर से छुट्टा मवेशियों को गोशालाओं में पहुंचाने के आदेश दिए गए थे। जिले के पशुपालन विभाग को 11,066 निराश्रित गोवंशों को 31 मार्च तक 89 गोशालाओं में पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जनपद में विभाग की ओर से लक्ष्य के अनुसार मवेशियों को गोशालाओं में पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन राहगीर और किसान अन्ना पशुओं से परेशान हैं। गांवों, गलियों में घूम रहे मवेशी लोगों पर हमला करके चोटिल कर रहे हैं।
वर्जन
सीवीओ डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि शासन की ओर से दिए गए लक्ष्य को समय सीमा में पूरा कर लिया गया है। बचे मवेशियों का सर्वे कराकर जल्द उन्हें भी गोशालाओं में पहुंचाया जाएगा।
तीन लोगों की जा चुकी जान
केस 1 : 22 जनवरी को इकदिल क्षेत्र के गांव बुआपुर दिनारपुर निवासी बुजुर्ग किसान करण सिंह खेत की रखवाली कर रहे थे। इस दौरान गोवंश ने किसान पर हमला करके उसे घायल कर दिया था। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
केस 2 : गोपियापुर गांव के किसान मुन्नी लाल शाक्य पांच नवंबर 2022 को खेत की रखवाली कर रहे थे। इस दौरान उन पर गोवंश ने हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।
केस 3 : 15 सितंबर 2022 को दंपती बाइक से लौट रहे थे। रास्ते में व्यासपुर मोड़ के पास गोवंश सामने आ जाने से बाइक अनियंत्रित हो गई थी। हादसे में पति-पत्नी दोनों घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में उपचार दिलाया गया था।
केस 4 : 24 जनवरी को इटावा से शिकोहाबाद जा रहे बाइक सवार शिक्षामित्र रोहित की गोवंश को बचाने में जान चली गई थी। नेशनल हाईवे पर जोनई गांव के पास गोवंश सामने आने से वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। आगरा ले जाते वक्त रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया था।