इटावा। अपर मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट आशीष पांडेय ने 25 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के कैशियर को तीन साल की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी रहे शाखा प्रबंधक की मौत हो चुकी है। जबकि चपरासी को दोष मुक्त करार दिया गया।
औरैया के बेला निवासी शकुंतला देवी ने बताया था कि 20 जून 1996 को ग्रामीण बैंक की बाघमऊ शाखा में खाता खुलवाया था। धोखाधड़ी करके उनके खाते से साढ़े 52 हजार रुपये निकाल लिए गए।
इस संबंध में उन्होंने शाखा प्रबंधक, कैशियर संदीप त्रिपाठी और चपरासी जगदीश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। सहायक अभियोजन अधिकारी योगेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि उनकी ओर से पेश की गईं दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने शनिवार को कैशियर को दोषी पाया और सजा सुनाई। (संवाद)