किराना व्यापारी की आर्थिक स्थिति का लिया जायजा, फिर वारदात को दिया अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। किराना व्यापारी के बेटे के अपहरण की पटकथा दो महीने पहले लिखी गई। तीनों आरोपी दो महीने पहले ही मुंबई से चकरनगर पहुंचे थे। यहां रेकी के बाद एक बदमाश ने व्यापारी से दोस्ती की। दो माह तक उसका भरोसा जीतकर आर्थिक स्थिति का जायजा लिया और मंगलवार को बेटे के अपहरण की वारदात कर दी।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी आकाश मध्य प्रदेश के भिंड जिले के थाना पवई रानीपुरा गांव का रहने वाला है। पूछताछ में आकाश ने बताया 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए कर्तव्य का अपहरण किया था। इसमें से उसे पांच लाख रुपये मिलने की बात हुई थी। आकाश ने बताया कार उसी की है।
पूछताछ में पता चला कि उसके दो साथी जीतू व राम निवास निवासी गोहानी थाना चकरनगर मुंबई के भिवांडी में सब्जी बेचते थे। वहीं से उनकी अच्छी दोस्ती हो गई थी। दो माह पहले ही वह तीनों घर आए थे। राम निवास व्यापारी योगेश गुप्ता के घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर सुरेंद्र के घर में किराए पर रह रहा था।
एसएसपी ने बताया कि राम निवास योगेश के घर आने-जाने लगा था। इसके बाद उसने व्यापारी के बेटे के अपहरण की साजिश रची। मंगलवार सुबह आकाश और जीतू को हनुमंतपुरा बुला लिया था। राम निवास खुद बाइक से छात्र के पीछे चल रहा था। उसी ने कार सवारों को इशारा करके छात्र की पहचान कराई थी।
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बदमाशों का पीछा करने वाले सिपाही हुए सम्मानित
एसएसपी ने बताया कि वायरलैस पर अपहरण की सूचना पर भरेह थाना के सिपाही सुमित कुमार और सतीश मौके पर पहुंचे और कार का पीछा किया। सिपाहियों के पीछा करने पर बदमाशों की कार खड्ड में जा गिरी। जिससे अपहृत छात्र को बदमाशों के चंगुल से बच गया। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को पांच-पांच हजार रुपये का नकद इनाम दिया।