एक्साइज ड्यूटी, सर्राफा व्यवसायियों की दुकानें सील करने, सामान जब्त करने व माल पाए जाने पर सात साल की सजा के विरोध में शनिवार को सर्राफा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और सात मार्च तक तीन दिवसीय हड़ताल का एलान किया। सर्राफा व्यापारियों ने इस दौरान होमगंज सर्राफा बाजार में एकत्र होकर धरना देकर प्रदर्शन किया और बाजार में जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सर्राफा बाजार बंद रहने से जिले में लगभग 25 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित रहा। शनिवार को जिले भर के सर्राफा बाजारों में दुकानों पर लटका रहा। हड़ताल में सर्राफा व्यवसाय से जुड़े कारीगर, डाई कारीगर, छिलाई कारीगर व व्यापारी शामिल रहे। इसके चलते होमगंज के साथ बजाजा लाइन, सिंधी मार्केट, सब्जी मंडी, राजागंज, तिकोनिया,भरथना चौराहा, विजय नगर, पचावली चौराहा की सभी सर्राफा दुकानें बंद रहीं।
शहर के होम गंज बाजार में इटावा सर्राफा एसोसिएशन के बैनरतले सर्राफा व्यवसायियों ने एकत्र होकर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सात मार्च तक तीन दिवसीय हड़ताल का एलान किया। इटावा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह वर्मा ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में व्यवसायियों की एकता ही केंद्र सरकार को एक्साइज ड्यूटी हटाने व काला कानून वापस लेने पर बाध्य कर सकेगी।
उन्होंने आह्वान किया पांच से सात मार्च तक सभी सर्राफा व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। एसोसिएशन के महामंत्री ओंकार प्रसाद मथुरिया ने कहा कि सात मार्च को दोपहर एक बजे नीम वाले चौक में आम सभा कर आगे की रणनीति पर सर्वसम्मत से फैसला लिया जाएगा। धरना प्रदर्शन में सत्य प्रकाश सिंह, मनोज केसरवानी, अनिल सोनी, राजकुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, भरथना प्रतिनिधि के मुताबिक सर्राफा कारोबारियों ने शनिवार को अपनी दुकानें बंद कर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी का विरोध किया। विरोध दर्ज कराने वालों में सार्थक यादव छोटू, राहुल यादव, शोले, भोले, प्रताप वर्मा, वीनू वर्मा, विजय गुप्ता, रोहित भंसाली, राघवेंद्र वर्मा, पिंटू वर्मा, सौरभ वर्मा, राम लखन कुशवाहा, गोपाल वर्मा आदि मौजूद रहे।