इटावा। कोविड अस्पताल में मरने वाले संक्रमित का शव घर पहुंचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस नहीं मिल रही है। तीमारदार अपनों का शव घर अथवा शमशान घाट तक ले जाने के लिए प्राइवेट एंबुलेंस वालों को मंहगा किराया दे रहे हैं। शुक्रवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। सहसों थाना क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी भगवानदीन को बुधवार को कोरोना संक्र मित होने पर कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की दोपहर उनकी मौत हो गई। बेटे अखिलेश ने बताया कि वह काफी देर तक पिता का शव घर ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। करीब एक घंटे के बाद डॉक्टरों ने कहा कि सरकारी एंबुलेंस को आने मे न जाने कितना वक्त लगेगा। प्राइवेट एंबुलेंस से शव को घर ले जाओ। इसके बाद उसने अस्पताल से घर तक पिता का शव ले जाने के लिए 3500 रुपये में एंबुलेंस बुक की। उसी से शव को घर लेकर जा रहा है। यह मामला अकेला नहीं है। ऐसे ही तीमारदार अस्पताल में मरने वाले व्यक्ति को कई बार प्राइवेट एंबुलेंस से घर या शमशान घाट तक ले जाते हैं।