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Etawah News: इटावा नगर पालिका से कुसुम दुुबे भाजपा प्रत्याशी

Mon, 24 Apr 2023 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। 2017 मेें निकाय चुनाव में इटावा नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर मात खाने के बाद भाजपा ने इस बार दिवंगत पूर्व एमएलसी अशोक दुबे की पत्नी कुसुम दुुबे को प्रत्याशी बनाकर ब्राह्मण दांव खेला है।
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नामांकन से एक दिन पहले भाजपा ने छह निकायों के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। इटावा नगर पालिका से कुसुम दुबे प्रत्याशी बनाया है। भरथना से प्रभाकर गुप्ता की पुत्रवधू मनीषी गुप्ता को टिकट दिया गया है। वहीं जसवंतनगर से जय शिव बाल्मीकि को प्रत्याशी घोषित किया। वहीं इकदिल से सशुुला जाटव तो बकेवर से संजय दीक्षित को टिकट दिया है। वहीं लखना से रिषभ शुक्ला को प्रत्याशी बनाया गया है। देर रात तक बसपा और कांग्रेस ने अपने दो-दो प्रत्याशी घोषित नहीं किए थे।
पिछले निकाय चुनाव में भाजपा की विनीता गुप्ता दूसरे नंबर पर थीं। भाजपा इस चुनाव में 10246 मतों से पराजित हुई थी, तब विनीता गुप्ता को 21179 मत मिले थे। जबकि सपा की नौशाबा खानम को 31425 मत मिले थे और उन्हें इटावा नगर पालिका परिषद की पहली चेयरपर्सन मिलने का गौरव मिला था। भाजपा ने जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए अध्यक्ष पद का उम्मीदवार ब्राह्मण महिला को बनाया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग से, सांसद अनुसूचित जाति से, एक मात्र विधायक क्षत्रिय हैं। ऐसे में भाजपा ब्राह्मणों को नाराज नहीं करना चाहती थी। भाजपा के जिला महामंत्री प्रशांत राव चौबे ने बताया कि भाजपा ने अपने सभी प्रत्याशी घोषित कर दिए गए हैं। संगठन एक साथ मिलकर अपने सभी प्रत्याशियों को जिताएगा।
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कुसुम दुबे के पति 1991 में रहे हैं विधायक
अशोक दुबे वर्ष 1991 में राम लहर के दौरान इटावा सदर से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे। हांलाकि वह 2012 में इस सीट पर भाजपा ने उन्हें फिर से चुनाव लड़ाया, लेकिन उन्हें पराजित होना पड़ा था। पार्टी ने उनके कद को देखते हुए उन्हें एमएलसी भी बनाया। अब उनकी पत्नी कुसुम दुबे ही भारी पड़ी हैं। लेकिन क्या वह इटावा निकाय चुनाव में कमल खिलाने में सफल होंगी या नहीं। इसका फैसला आगामी 13 मई को होगा।

बसपा में भी रहे हैं डॉ. संजय दीक्षित
बकेवर। बकेवर नगर पंचायत से प्रत्याशी बनाए गए डॉ. संजय दीक्षित को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। डॉ संजय दीक्षित मूल रूप से चिकित्सक हैं। वह आरएसएस से जुड़े रहे हैं। वह कुछ समय के लिए बसपा में चले गए थे, लेकिन पिछले कुछ समय से पूर्व ही बसपा छोड़कर पूर्व चेयरमैन विनोद दोहरे के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे पहले डॉ संजय दीक्षित की पत्नी ज्योति दीक्षित इससे पहले वर्ष 2006 महिला आरक्षित सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी थीं। इसमें सपा प्रत्याशी भूरी बेगम से मात्र दो सैकड़ा वोटों के अंतर से चुनाव हार गई थीं। हालांकि उस निकाय चुनाव में धांधली का आरोप लगा था। लखना केप्रत्याशी ऋषभ शंकर शुक्ला लखना राजघराने परिवार से हैं। इनका परिवार आरएसएस से जुड़े रहे हैं।
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