इटावा। हादसे में मासूम बालक की मौत हो गई। मासूम की मां अपने भाई के नवजात बच्चे की मौत पर वहां सांत्वना देने के लिए जा रही थी, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि उसका बेटा ही उसकी गोद में दम तोड़ देगा। वहीं, गंभीर रूप से घायल दूसरे बेटे को सैफई मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया।
फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी मुफीस ने बताया कि वह भरथना चौराहा पर अंडे का ठेला लगाता है। तीन दिन पहले उसके साले अनीस निवासी राजपुर औरैया के नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। जिसकी जानकारी पर उसकी सास शकीला निवासी अंबेडकर नगर कोतवाली भिंड मध्य प्रदेश से अपने पौत्र आहिल के साथ इटावा आई थी। सभी लोग एक साथ औरैया अनीस से मिलने सांत्वना देने जा रहे थे।
रविवार दोपहर औरैया जाने के लिए मंडी कट के पास हाईवे पर औरैया जाने के लिए परिवार के सभी लोग सवारी वाहन का इंतजार कर रहे थे। तभी जसवंतनगर की ओर से आए डीसीएम ने रोशनी, शकीला, असद, अहद व आहिल को रौंद दिया। डीसीएम की जोरदार टक्कर से सास शकीला और अहद उछलकर सर्विस रोड पर जा गिरे। घायल रोशनी ने बुरी तरह से कुचले पड़े हाईवे पर पड़े असद को गोद में लेकर बैठ गई। मां की गोद में बच्चे की जान निकलने पर रोशनी बदहवास हो गई। मुफीस ने बताया कि उसके दो पुत्र थे जिसमें असद बड़ा और अहद छोटा है। सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती अहद की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।