इटावा/उदी। नगला भवानी निवासी सुनीता के बेटे आकृत के पैर जन्म से मुड़े थे। आकृत के पिता कमलेश ने उसका निजी अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं हुआ। इसके बाद जिला अस्पताल के क्लब फुट क्लीनिक में उसका उपचार कराया। अब वह सामान्य बच्चों की तरह चल फिर और दौड़ सकेगा।
सुनीत ने बताया कि 22 नवंबर 2022 को जिला अस्पताल के क्लब फुट क्लीनिक में बेटे को दिखाया। यहां डॉ. विष्णु मल्होत्रा ने उसके पैर का निरीक्षण किया। उस समय बच्चे की आयु तीन वर्ष थी। जल्द उसका इलाज शुरू करने की सलाह दी।
प्रथम चरण में आकृत को 10 बार प्लास्टर चढ़ाया गया। दूसरे चरण में छोटा सा ऑपरेशन किया गया और 21 दिन के लिए प्लास्टर चढ़ाया गया। फिर ब्रेश शूज दिए गए। शुरुआत के तीन महीने जूते 23 घंटे पहनाना अनिवार्य होता है। इसके बाद रात में सोते समय ही जूते पहनाने होते हैं। सुनीता बताती हैं कि शुरुआत में बच्चे को बहुत उलझन होती थी।
अनुष्का फाउंडेशन ने निशुल्क ब्रेश शूज दिए और इलाज में सहयोग दिया। डॉ. विष्णु मल्होत्रा ने बताया कि जब आकृत का इलाज शुरू किया तब इतना बेहतर परिणाम आने की उम्मीद नहीं थी। क्योंकि इलाज की शुरुआत में कुछ देरी हुई थी, लेकिन प्रयास रंग लाया। अब आकृत अन्य सामान्य बच्चों की तरह चल फिर और दौड़ सकेगा।
डॉ. विष्णु मल्होत्रा ने बताया कि आरबीएसके के तहत 36 प्रकार की जन्मजात बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है। क्लब फुट इनमें से एक है। अप्रैल 2022 से अब तक 29 बच्चों का पंजीकरण किया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
सहयोगी संस्था अनुष्का फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी राहुल ने कहा कि यदि कोई भी क्लब फुट के इलाज के संदर्भ में जानकारी लेना चाहता है तो फोन नंबर 7208820504 पर संपर्क कर सकता है।