निबाड़ीकला। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से हर साल मोटी रकम खर्च की जाती है। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़कों की सूरत नहीं बदली। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर 15 नवंबर तक सड़कों की दशा सुधारने के आदेश दिए हैं। ऐसे में लोगों को उम्मीद बंधी है कि शायद उन्हें हिचकोले खाने से राहत मिल जाएगी।
सांसद ने रखी आधारशिला फिर भी न हुआ काम
अछल्दा-अंदावा मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। जून में सांसद रामशंकर कठेरिया ने इसके निर्माण की आधारशिला रखी थी। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने जल्द काम पूरा कराने का वादा किया था। तीन माह बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका। सड़क पर मिट्टी और ईंट-पत्थर डाल दिए गए। बारिश के बाद इस पर चलना दुश्वार है। इस मार्ग पर पड़ने वाले गांव अहेरीपुर, मुकटपुर और बस्ती महेवा के लोग परेशान हैं। छात्र-छात्राएं और बुजुर्ग गड्डों में गिरकर घायल हो जाते हैं। बीते दिनों इंद्रापुर निवासी दिनेश बाइक से महेवा जाते वक्त मुकटपुर में गिर गए थे।
दुर्दशा पर आंसू बहा रहा अहेरीपुर-बकेवर मार्ग
अहेरीपुर से बकेवर वाया नौधना को जोड़ने वाली सड़क भी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। इस मार्ग के शुरुआत में ही आधा किमी तक जलभराव की समस्या है। राहगीरों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बीते दिनों अहेरीपुर में लगने वाले ऐतिहासिक मेले में लोग इसी मार्ग से होकर गए थे। अहेरीपुर से बकेवर तक ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन होता है लेकिन गड्डों की वजह से ये वाहन हिचकोले भरते हैं और हादसे का डर भी रहता है। अहेरीपुर के रामचंद्र, दिनेश, शिवराम और अमरदीप के मुताबिक ब्लॉक और तहसील के अफसरों से शिकायत की गई लेकिन समस्या बरकरार है।
भारी वाहनों ने बिगाड़ी अहेरीपुर-अटसू मार्ग की सूरत
अहेरीपुर-अटसू मार्ग भी जर्जर है। ये सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ते हुए अहेरीपुर से होकर औरैया के अटसू को जोड़ती है। अनंतराम टोल प्लाजा पर टोल बचाने के चक्कर में भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिसके कारण सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। 50 गांवों को हाईवे से जोड़ने वाले इस मार्ग की सालों से मरम्मत तक नहीं हुई। अब बारिश ने इसकी दशा और भी दयनीय कर दी है।
निर्माण नहीं तो पैचवर्क ही करा दें
निबाड़ीकला-पेवली मार्ग भी जगह-जगह उखड़ा पड़ा है। बाइक और साइकिल सवार अक्सर फिसल जाते हैं। तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग को बनाने के लिए 34 लाख रुपये का प्रस्ताव जनवरी में भेजा गया था, जो अभी तक स्वीकृति नहीं हो पाया है। ग्रामीण अंकुर, सोनू दुबे, राजवीर सिंह, पंकज कुमार, शिवमंगल सिंह ने बताया कि जब तक निर्माण कार्य नहीं करवाया जाता, तब तक पैचवर्क ही करा दिया जाए। ताकि लोगों को सहूलियत हो।