इटावा। बसों का किराया तो बढ़ा दिया गया है लेकिन कोई न कोई शिकायत आती रहती है। अब वरिष्ठ नागरिक ने इटावा से दिल्ली जाने के लिए बस परिचालक पर दो टिकट देने का आरोप लगाया है। इसके कारण उन्हें 60 रुपये अतिरिक्त देने पड़े। उन्होंने यूपीएसआरटीसी, परिवहन मंत्री को ट्वीट किया। इस पर बस चालक और कंडक्टर पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
लखनऊ निवासी महेंद्र गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को वह शताब्दी एक्सप्रेस से इटावा किसी काम से आए थे। यहां से उन्हें दिल्ली जाना था। दोपहर करीब सवा 12 बजे इटावा बस अड्डे पर पहुंचे। एक कंडक्टर ने नौ घंटे और दूसरे ने सात घंटे में दिल्ली पहुंचाने की बात कही।
वह आर्थराइटिस के मरीज हैं, जब बस में बैठ गए तो परिचालक ने उन्हें इटावा से दिल्ली की जगह फिरोजाबाद तक का टिकट दिया, जो 134 रुपये का था। फिरोजाबाद पहुंचने पर आनंद विहार तक का दूसरा टिकट बनाया जो 413 रुपये का बना। इस तरह इटावा से दिल्ली तक के 547 रुपये दिए। परिचालक ने उन्हें किसी दूसरे यात्री का टिकट दिया था, जो किसी वजह से बस से उतर गया था। अनाधिकृत ढाबे पर बस भी रोकी। परेशान होकर उन्होंने यूपीएसआरटीसी, परिवहन मंत्री को ट्वीट किया। इस पर यूपीएसआरटीसी ने इटावा के एआरएम को जांच कर जानकारी देने का निर्देश दिया।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक डीएम सक्सेना ने बताया कि जांच करने के बाद संबंधित बस के चालक व परिचालक को दोषी मानते हुए उन पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।