इटावा। बसरेहर पुलिस ने शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। उसने खुद को सचिवालय कर्मी बताकर नौकरी का झांसा देकर एक युवक के पिता से 3.90 लाख रुपये लिए थे। युवक की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो बड़ा मामला सामने आया। आरोपी के पास से उपमुख्यमंत्री का फर्जी लेटर पैड, 12 जिलाधिकारी, एसपी और एसएसपी की मुहरें बरामद हुई हैं।
बुधवार सुबह राजेश कुमार पाल निवासी ग्राम उजागरपुर थाना किशनी मैनपुरी ने बसरेहर थाने आकर बताया कि बसरेहर कस्बा निवासी मनोज उर्फ कल्लू पाल से कुछ समय पहले उनकी मुलाकात हुई थी। उसने खुद को सचिवालय कर्मी बताया था। कहा कि उसकी कई बड़े अधिकारियों और नेताओं से पहचान है। बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 3.90 लाख रुपये ले लिए। कई महीने बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने मनोज से रुपये वापस मांगे। इस पर मनोज टरकाने लगा। पुलिस ने राजेश कुमार की तहरीर पर मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसी दौरान सूचना मिली कि मनोज कार से लोहिया पुल होकर कहीं जा रहा है। पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
मनोज ने बताया कि लोगों को फर्जी आईडी दिखाकर खुद को उप्र सचिवालय का कर्मचारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। शस्त्र लाइसेंस बनवाने का भी झांसा देकर ठगी की थी।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी मनोज के पास से गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, मऊ, आगरा, गाजीपुर, लखनऊ, इटावा, गोंडा, मैनपुरी, मथुरा, फिरोजाबाद के जिलाधिकारी, एसपी और एसएसपी की फर्जी मोहरें बरामद हुईं हैं। एक फर्जी मुहर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की, दो स्मार्टफोन, कार, सचिवालय के चपरासी के पद के दो फर्जी आईडी कार्ड और दो फर्जी लैटर पैड उपमुख्यमंत्री के नाम के मिले हैं। एसएसपी ने बताया कि उसके साथ और कितने लोग जुड़े हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।