इटावा। दूसरों को धर्म पथ पर चलाने तथा उन्हें धार्मिक कार्यों से जोड़ने पर पुण्य बढ़ता है तथा ऐसे लोगों का आशीर्वाद मिलता है। हमेशा जोड़ना चाहिए, तोड़ना नहीं चाहिए। जोड़ने वाले संत देवता होते हैं। यह विचार सद्गुरु भाऊजी महाराज ने बुधवार को आवास विकास कालोनी में आयोजित सत्संग में दिए।