इटावा। स्थानीय न्यू रेलवे कॉलोनी के गौरीशंकर मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ व सात्विक विष्णु महायज्ञ का मंगलवार को समापन हुआ। काशी से आए कथावाचक डॉ. गौरीशंकर ने विराम दिवस पर सुदामा चरित्र पर व्याख्यान दिया। बताया कि यह प्रसंग सहजता से मित्रधर्म के साथ ईश्वर और भक्त के संबंधों को परिभाषित करता है। सुदामा जी द्वारिकाधीश के बालसखा थे, वह अपनी निर्धनता को प्रारब्ध मानकर भोगते रहे कभी मित्र से याचना नहीं की। अर्द्धांगिनी सुशीला के दबाव डालने पर मित्र से मिलने गए और उनके पास भेंट स्वरूप चावलों की पोटली ही थी। उन्होंने बताया कि द्वारिकाधीश अपने मित्र सुदामा से आत्मीयता से न केवल मिले बल्कि कारुणिक भाव से आवभगत की। भेंट स्वरूप चावल को खाने के बदले परोक्ष रूप से इतना वैभव और संपदा दे दी। कथारसिक हरिदास विनोद कुमार द्विवेदी मौजूद रहे। परीक्षित सरोज द्विवेदी ने सभी श्रद्धालुओं के साथ भगवान की आरती उतारी। प्रसाद वितरण बुधवार को होगा। ब्यूरो
श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का किया गुणगान