इटावा। बिजली कर्मियों की 72 घंटे की हड़ताल का व्यापक असर शनिवार को दिखा। जिला प्रशासन की कोशिशों के बाद भी लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। शुक्रवार देर रात हुई बारिश के दौरान शहर के करीब 50 मोहल्लों और 500 गांवों की की बिजली गुल हो गई। जगह-जगह फाल्ट होने के कारण पानी का भी संकट खड़ा हो गया। कई क्षेत्रों में 15 घंटे बाद बिजली आई। शीत गृहों में आलू का भंडारण भी रुक गया।
बिजली न आने से इंवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं सके। करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित रही। शुक्रवार रात करीब दो बजे से लेकर शनिवार शाम पांच बजे तक बिजली नहीं मिली। शहर के ज्यादातर फीडर फाल्ट होने की वजह से ठप रहे।
फ्रेंड्स कॉलोनी, अशोक नगर, रामनगर, अजीतनगर, गुरुतेग बहादुर फीडर से जुड़े पंजाबी कॉलोनी, करमगंज, नौरंगाबाद, करौल मोहल्ला, पुल कहारान समेत आसपास के क्षेत्रों में बिजली गुल रही। इंजीनियरिंग कॉलेज सब स्टेशन से संबद्घ सरैया, नुमाइश चौराहा, पुरबिया टोला आदि क्षेत्रों की बिजली ठप रही। कालीबांह उपकेंद्र से संबद्घ छैराहा, यमुनी तलहटी समेत पुराने शहर के कई मोहल्लों की बिजली बंद रही। सुंदरपुर सब स्टेशन से संबद्घ पक्का बाग,कटरा शमशेर खां, समेत आसपास के कई क्षेत्रों की बिजली गुल रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहा पेयजल संकट
इकदिल स्थित बिजली घर में शुक्रवार रात करीब तीन बजे इनकमिंग मशीन में खराबी आने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आलम यह रहा कि सुबह नगर पंचायत से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। जसवंतनगर में करीब 11 घंटे बिजली नहीं आई। 33 केवी लाइन के रायनगर और कैस्थ में रात दो बजे फाल्ट होने से लोग परेशान रहे। बसरेहर, चौबिया, चौपुला बिजली घर में रात दो बजे 33 हजार केवी की बड़ी लाइन में फाल्ट होने से करीब 200 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस वजह से नगर पंचायत से पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी। महेवा में भी लोग बिजली-पानी के लिए परेशान रहे।
भरथना में पांच फीडरों पर ब्रेक डाउन
भरथना में शुक्रवार रात सवा दो बजे के बाद पांच फीडरों पर ब्रेक डाउन होने से बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे जुड़े इलाकों की बिजली ढाई घंटे से लेकर 10 घंटे तक गुल रही। मोहल्ला गिरधारीपुरा में नाग मठिया के सामने स्थित पोल में बारिश होने से करंट उतरने से शनिवार सुबह छुट्टा गोवंश की मौत हो गई।
एटीएम ने भी दिया दगा
इकदिल निवासी गौरव ने बताया कि वह रेस्टोरेंट में काम करते हैं। शनिवार दोपहर वह इकदिल में लगे स्टेट बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गए। इसी बीच मशीन बंद हो गई। गार्ड से इसकी शिकायत की तो उसने बताया कि इंवर्टर से एटीएम चल रहा था। बैटरी डिस्चार्ज होने से एटीएम ने काम करना बंद कर दिया। उनके खाते से चार हजार रुपये भी कट गए।
जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन भी हुई बंद
बिजली संकट का असर जिला अस्पताल में भी देखने को मिला। अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन बंद रही। मरीज दोपहर तक इसके चालू होने की उम्मीद में बैठे रहे। घंटों इंतजार के बाद भी बिजली नहीं आई तो लोग निराश होकर लौट गए।
विधायक ने की बात पर मांगों पर अड़े कर्मी
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विद्युत विभाग के कर्मचारी दूसरे दिन भी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले नारेबाजी करते रहे। संयोजक व एसडीओ विवेक कुमार सिंह, गगन अग्निहोत्री, आनंद पाल समेत अवर अभियंता आदि ने धरना दिया। शनिवार को सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कर्मियों से वार्ता कर धरना समाप्त करने के लिए कहा, लेकिन समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल वापस नहीं होगी। केंद्रीय कार्यकारिणी के आदेश का हवाला देकर उन्हें ज्ञापन दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या शासन स्तर तक पहुंचाएंगे।