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Etawah News: मुआवजे के विवाद में 400 मीटर का हिस्सा 17 वर्ष से क्षतिग्रस्त

Sun, 09 Jul 2023 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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जसवंतनगर। इटावा और आगरा जिलों की सीमा पर कचौरा घाट के पास एक सड़क का 400 मीटर हिस्सा पिछले 17 वर्षों से सीमा विवाद के साथ- साथ भूमि मुआवजे के विवाद के चलते भयंकर गड्ढों में तब्दील है। न ही आगरा और न ही इटावा के प्रशासनिक और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस सड़क को दुरुस्त कराने की पहल कर रहे हैं। हालात यह है कि आगरा और जसवंतनगर तथा इटावा की ओर से आने- जाने वाले दर्जनों वाहन आए दिन जानलेवा गहरे गड्ढों में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। अथवा खड्ड में गिर कर बड़ी दुर्घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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जसवंत नगर से करीब 8 किलोमीटर दूर कचौरा घाट पर यमुना नदी के पुल का निर्माण 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने यह सोचकर कराया था कि इटावा जिले का संपर्क आगरा और भिंड जनपदों के इलाकों से सीधा हो जाएगा। साथ ही नेशनल हाईवे की जगह वाहन कचौरा घाट पुल होते सीधे मध्य प्रदेश और आगरा की तरफ आने जाने लगेंगे। मुलायम सिंह यादव की पहल पर कचौरा घाट पर यमुना नदी का यह पुल मात्र डेढ़ वर्ष में बन गया था। पुल से आगरा की तरफ की रोड लोक निर्माण विभाग ने तुरंत ही बना दी थी, जबकि पुल से जसवंतनगर और इटावा जाने वाली रोड का निर्माण लोक निर्माण विभाग इटावा को पूरा करना था। पुल से लेकर कचौरा तिराहे तक का 400 मीटर का हिस्सा चूंकि कीरतपुर मढैया गांव के किसानों की जमीन का था। उन्होंने उसके मुआवजे के लिए मुलायम सिंह यादव के डर से कोई दावा उस समय नहीं किया था। सहज ही सड़क बनाने की अपनी रजामंदी दे दी, मगर उसके बाद जैसे ही मुलायम सिंह यादव सत्ता से उतरे किसानों ने सड़क पर अपनी जमीन का दावा ठोक दिया। इस वजह से इस टुकड़े पर निर्माण रुक गया। किसान मुआवजे के लिए कोर्ट चले गए। कोर्ट ने मुआवजा देने का आदेश दिया इस आदेश के बाद प्रशासन ने तत्कालीन रेट पर भुगतान करने की पहल की, मगर किसान नेशनल हाईवे और आगरा की जमीनों पर दिए जाने वाले मुआवजे की दर पर मुआवजे की जिद पर अड़ गए और अपनी मां मंगवाने के लिए फिर से कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं।

इस तरह सड़क का 400 मीटर का टुकड़ा कचौरा तिराहे से यमुना पुल तक उबड़ खाबड़ पड़ा है। दसियों बड़े जानलेवा गड्ढों के साथ ही रोड के दोनों ओर कई-कई मीटर गहरी खंदक होने से वाहन इनमें धसक कर गिर रहे हैं। हाल ही में एक ट्राला के खंदक में गिर जाने से उसमें फंसे ड्राइवर के पैर काटने पड़े। कचौरा पुल के करीबी गांव सिरसा के पूर्व प्रधान राजेश यादव ने बताया है कि यदि इटावा और आगरा के प्रशासनिक अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने गंभीर पहल की होती तो 17 साल से गड्ढों में तब्दील यह मुख्य रोड कब की सही हो गई होती।
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