इटावा। सात साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) कल्पना द्वितीय ने पॉक्सो एक्ट के दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक दशरथ सिंह चौहान ने बताया कि एक गांव निवासी महिला ने भरथना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि 12 मई की रात वह खेत पर फसल की रखवाली के गई थी। उसके पति मोबाइल टावर पर चौकीदारी करने गए थे। घर में नाबालिग बेटी भाई-बहनों के साथ थी। इसी दौरान पिंटू निवासी आलमपुर विवौली थाना भरथना घर में घुस गया और बेटी से छेड़खानी करने लगा। शोर मचाने पर गांव के कुछ लोग आ गए तो आरोपी भाग गया।
अगले दिन पिंटू और उसके पिता रघुवीर ने लाठी-डंडों से बेटी और उसके साथ मारपीट की। बाद में कोर्ट के आदेश पर पिंटू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद पिंटू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में दोषी को तीन साल का कारावास सुनाया है। मारपीट में एक साल के कारावास की सजा और एक हजार का अर्थदंड लगाया। धमकी देने में छह माह का कारावास और पांच सौ रुपये का अर्थदंड लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।