ताखा। बिजली विभाग की लापरवाही के कारण तहसील क्षेत्र में 21 दिन में तीन किसानों की जान चली गई। अफसरों ने पीड़ितों को मुआवजे के आश्वासन का झुनझुना थमा दिया। उन्हें कार्रवाई का इंतजार है।
23 सितंबर को नगला हिम्मत में किसान सतीश कुमार तीन दिन से टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए थे। उनकी मौत पर परिजनों ने शनिवार को हंगामा किया तो पुलिस ने दोबारा पोस्टमार्टम कराकर मुआवजे का आश्वासन दे दिया। मामला तो शांत हो गया लेकिन बिजली विभाग के जेई और लाइनमैन पर कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह तीन सितंबर को ब्लॉक क्षेत्र के मामन हिम्मतपुर में तार टूटने से किसान प्रदीप कुमार की मौत हो गई थी। एसडीओ ऊसराहार ने कहा था कि किसान पंप चलाने के लिए कटिया डाल रहा था, इसके कारण हादसा हो गया। जबकि इस मामले में भी विभाग की लापरवाही सामने आई थी और एसडीएम ने जेई के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
वहीं 10 सितंबर को खेतों पर घास काटने गए नगला ढकाऊ निवासी श्याम सुंदर की टूटे तार के कारण करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में एसडीओ ऊसराहार ने पंप चलाते समय किसान को करंट लगने की बात कही थी।
तीन और 10 सितंबर को हुए हादसे के बाद ताखा के तत्कालीन एसडीएम कौशल कुमार ने जेई की लापरवाही बताकर डीएम को 12 सितंबर को रिपोर्ट भेजी थी। इस पर कार्रवाई होना है। एसडीएम ताखा देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जांच कराई जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई होगी।