इकदिल (इटावा)। शहर से दवा लेकर लौट रही बहनों को कानपुर-आगरा हाईवे पर कार ने रौंद दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के पीछा करने पर चालक कार छोड़कर भाग गया।
थाना क्षेत्र के गांव छोटी फूफई निवासी बहनें तारा देवी (65), श्यामा देवी (60) रविवार को दवा लेने शहर गई थीं। लौटते समय वह गांव के सामने ऑटो से उतरकर हाईवे पार करने लगीं। इस दौरान इटावा की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने दोनों को रौंद दिया। हादसे के बाद चालक का पुलिस ने पीछा किया तो वह बिरारी के पास कार छोड़कर भाग गया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। प्रभारी थानाध्यक्ष विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि कार चालक की तलाश की जा रही है।
कानपुर लेन पर आधे घंटे बाधित रहा यातायात
इकदिल। कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर हुए हादसे के बाद लोगों की भीड़ लग गई। इससे कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर यातायात बाधित हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को हटवाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। करीब आधे घंटे जाम लगा रहा।
क्षेत्र के गांव छोटी फूफई के पास हुए हादसे के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। इससे कानपुर जाने वाली लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रभारी थानाध्यक्ष विष्णुकांत तिवारी मय फोर्स के घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि रोड पर शव पड़े होने से यातायात प्रभावित हुआ था।
मौसी के नहीं थी संतान
मृतका श्यामा के पुत्र जय प्रकाश ने बताया कि मौसी तारा देवी के कोई संतान नहीं थी। इस कारण मौसी ने पिता की दूसरी शादी मां श्यामा देवी के साथ कराई थी। पिता की भी मौत हो चुकी है।