इटावा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी ने हत्या के प्रयास के मामले में दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 11-11 हजार का जुर्माना भी लगाया है। दो लोगों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि ऊसराहार थानाक्षेत्र के गांव भाऊपुरा निवासी जयपाल सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उसके ही गांव के नेम सिंह, गोविंद सिंह, रविंद्र सिंह उर्फ बबलू व प्रमोद ने उसके भाई सत्यराम की जगह पर कब्जा करने की नीयत से नींव खोद दी। जब सत्यराम ने विरोध किया तो उक्त लोगों ने सत्यराम के साथ मारपीट की। बाद में प्रमोद ने तमंचे से फायर किया तो गोली गांव के ध्यान सिंह के हाथ में लग गई। इसके बाद रविंंद्र ने फायर किया तो गोली सत्यराम के सीने में जा लगी। इससे वह भी घायल हो गया।
दोनों को मेडिकल कॉलेज सैफई में भर्ती कराया गया। पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने प्रमोद व रविंद्र को दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है।