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Etawah News: 19 लाख के मोबाइल टॉयलेट बिना उपयोग के हो गए कंडम

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फोटो 18:::::बलराम सिंह चौराहे पर रखा मोबाइल टॉयलेट। संवाद
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- 2019 में शहर के विभिन्न स्थानों पर रखवाने के लिए खरीदे गए थे 25 मोबाइल टॉयलेट
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। शहर के बाजारों समेत मुख्य स्थानों पर शौचालय न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह देखते हुए 2019 में नगर पालिका की ओर से करीब 19 लाख रुपये 25 मोबाइल टॉयलेट मंगाए गए थे। उन्हें कई स्थानों पर रखाने के बावजूद वह शुरू ही नहीं हो सके। करीब चार साल में टाॅयलेट बिना उपयोग के ही कंडम हो गए हैं। ऐसे में बाजारों में शौचालय के लिए लोग परेशान होते हैं।

शहर के मुख्य बाजारों समेत व्यस्ततम चौराहों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। तिकोनिया से लेकर नगर पालिका चौराहा और वहां से तहसील चौराहा, गुदड़ी, बाजाजा लाइंस, गल्ला मंडी में घना बाजार है। यहां प्रतिदिन लगभग 15 हजार लोगों का आवागमन रहता है। इसमें बड़े, बुजुर्ग और बच्चे सभी शामिल रहते हैं।
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वहीं, शहर के मुख्य चौराहों नौरंगाबाद, बलराम सिंह चौराहा, पक्के तालाब चौराहा, शास्त्री चौराहा समेत कई अन्य ऐसी जगह जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद प्रमुख स्थानों पर शाचौलय के कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोगों को यहां, वहां मुंह ताकना पड़ता है। पुरुष तो किसी तरह काम चला लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा समस्याएं महिलाओं को होती हैं।
लोगों की परेशानी और मांग को देखते हुए 2019 में शहर के मुख्य बाजार समेत सभी प्रमुख स्थानों को चिह्नित करके वहां मोबाइल टॉयलेट रखवाने की योजना बनाई गई थी। इसके तहत लगभग 76 हजार की कीमत से कुल 19 लाख रुपये की लागत से मोबाइल टॉयलेट खरीदे गए थे।
इन्हें बलराम सिंह चौराहा, ईदगाह चौराहा, डाइट चौराहा समेत कई जगहों पर इन्हें रखवा भी दिया गया था, लेकिन हीलाहवाली के चलते इनकी सेवाएं तक शुरू नहीं हो सकी थीं। चार साल में कुछ टॉयलेट चौराहों पर रखे कंडम हो गए तो कुछ गोदाम में पड़े सड़ रहे हैं। एक बार फिर नई चेयरमैन बनने से लोगों के मन में शहर में शौचालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की उम्मीद जागी है।

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कुछ चौराहों पर बने हैं सुविधा शुल्क वाले शौचालय

शहर में कुछ जगहों पर तो महिलाओं और पुरुषों के लिए स्थाई शौचालय बने हैं, लेकिन उनमें रुपये वसूले जाते हैं। शहर के एसएसपी चौराहे के पास, जेल रोड पर बने शौचालयों पर शौचालय से लेकर नहाने तक की व्यवस्था है, लेकिन इसके लिए वहां तैनात कर्मचारियों को लोगों को तय शुल्क देना पड़ता है।
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वर्जन

ईओ विनय कुमार मणी त्रिपाठी ने बताया कि यह उनके यहां चार्ज लेने से पहले की योजना थी। यह व्यवस्था क्यों सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकी, इस संबंध में जानकारी की जाएगी। इन मोबाइल टॉयलेट को जल्द शुरू कराने का प्रयास रहेगा।
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