एटा। पांच वर्ष में किशोर व किशोरियों की जीवन शैली में काफी बदलाव आया है। किशोरावस्था से ही नशे की लत उन्हें जकड़ रही है। किशोर व किशोरियां तंबाकू सहित अल्कोहल का सेवन कर रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। शहर से लेकर देहात तक पांच वर्ष पूर्व में किशोर व किशोरियों में तंबाकू सहित अल्कोहल सेवन करने की आदत बहुत ज्यादा नहीं थी। नेशनल फैमिली हेल्थ का प्रत्येक पांच वर्ष बाद सर्वे होता है। वर्ष 2015-2016 में तंबाकू व अल्कोहल सेवन करने जैसी बात सामने नहीं आई थी। वर्ष 2020-21 में यह सर्वे कराया गया। इसकी रिपोर्ट आई जिसने चौंका दिया।
सर्वे के मुताबिक 15 वर्ष या इससे पहले ही किशोर नशे का सेवन करने में लग गए हैं। जिले में 12.4 प्रतिशत किशोर तंबाकू, गुटखा, बीड़ी का सेवन करते हैं। जबकि 2.2 प्रतिशत किशोरियों इसका सेवन करती हैं। इसी तरह अल्कोहल में किशोर व युवा 10.1 प्रतिशत हैं। जबकि किशोरियों व युवतियां 0.3 प्रतिशत एल्कोहल का सेवन कर रही हैं।
केस एक
शहर के नई बस्ती निवासी 15 वर्षीय किशोर गुटखा खाने लगा। कुछ समय बाद उसके मुंह में दिक्कत हुई। शहर के एक चिकित्सक को दिखाया। उसने गुटखा छोड़ने की सलाह दी। समय रहते उसे आगे की संभावित जटिल समस्याओं से बचा लिया गया।
केस दो
सकीट क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय युवक पांच वर्ष से अल्कोहल का सेवन शुरू कर रहा है। दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाया। जांच में सामने आया कि उसे लिवर की समस्या हो गई है। इसके लिए उसका लंबे समय तक उपचार चलाया जाएगा।
तंबाकू व धूम्रपान का सेवन करने से कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, श्वसन रोग सहित महिलाओं में कई समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए कम उम्र में अल्कोहल का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। स्कूलों में अभियान चलाकर किशोरों को नशा न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। -डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ